नागपुर में आवारा कुत्तों पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद; एक्शन मोड में मनपा

Nagpur Stray Dogs News: नागपुर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर SC के आदेश के बाद मनपा एक्शन मोड में है। सार्वजनिक स्थलों पर खतरनाक कुत्तों के खिलाफ SOP बनाकर कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।
Nagpur Municipal Corporation in action after Supreme Court order cracks down on stray dogs
आवारा कुत्ते, मनपा कार्रवाई, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Dog Bite Cases: नागपुर शहर में आवारा कुत्तों के कारण भले ही हर दिन काटने या झपटने से दुर्घटनाएं हो रही हों लेकिन इनके खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। बहरहाल अब सर्वोच्च न्यायालय के अहम फैसले के चलते आवारा कुत्ते मनपा के टारगेट पर होंगे। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मनपा एक्शन मोड में आ गई है। इनसे निपटने के लिए जहां प्राथमिक स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है।

वहीं जल्द ही एसओपी तैयार कर कार्रवाई शुरू होने की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेन्द्र महल्ले ने दी। उन्होंने कहा कि सुको के आदेश का अध्ययन हो रहा है। हालांकि आदेश के अनुसार अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थल पर पाए जाने वाले खतरनाक आवारा कुत्ते निशाने पर होंगे जिसके बाद अगला चरण तय किया जाएगा। चताया जाता है कि सिटी में एक लाख से भी अधिक आवारा कुत्ते होने का अनुमान है।

2026 के डराने वाले शुरुआती आंकड़े

वर्तमान वर्ष 2026 की शुरुआत बेहद चिंताजनक रही है। केवल जनवरी से अप्रैल तक के शुरुआती 4 महीनों में ही डॉग बाइट के 4,226 मामले सामने आ चुके हैं। इस वर्ष अब तक हर महीने 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

क्रमांक माह मामलों की संख्या
1 जनवरी 1,060 मामले
2 फरवरी 1,041 मामले
3 मार्च 1,023 मामले
4 अप्रैल 1,102 मामले
कुल 4,226 मामले

साल-दर-साल डॉग बाइट का लगातार बढ़ रहा है ग्राफ

  • 2022: कुल 8,317 मामले दर्ज किए गए।
  • 2023: यह संख्या बढ़कर 9,110 हो गई।
  • 2024 : मामलों की संख्या में और वृद्धि हुई और यह आंकड़ा 9,429 तक पहुंच गया।
  • 2025: इस वर्ष स्थिति बेकाबू दिखी और मामलों ने 10.944 की संख्या फूली।

भांडेवाड़ी शेल्टर की चुनौती और भविष्य की योजना

वर्तमान में भाडेवाडी डॉग शेल्टर की क्षमता मात्र 500 कुत्तों को रखने की है, ऐसे में हजारों की संख्या में पकड़े जाने वाले शात कुत्तों को रखने की बड़ी चुनौती मनपा के सामने है। इस पर डॉ. महल्ले ने स्पष्ट किया है कि शेल्टर की क्षमता की चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा, इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं और 'डॉग लवर्स कुत्ता प्रेमियों) की मदद लेकर एक विशेष 'दत्तक योजना' (गोद लेने की योजना। भी शुरू की जाएगी लेकिन किसी भी हाल में इन कुत्ती को सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।

खतरनाक कुत्तों को दी जाएगी मौत : 3 चरणों में कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करते हुए महानगरपालिका 'एक्शन मोड' में आ गई है। मनपा ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पकड़ने का कड़ा निर्णय लिया है। डॉ. महल्ले के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 3 अलग-अलग चरणों में की जाएगी जिसमें कुत्तों का उनके व्यवहार के आधार पर वर्गीकरण होगा। नागरिकों की शिकायत पर पागल और बेहद आक्रामक कुत्तों को पकड़ा जाएगा, जो कुत्ते मानव जीवन के लिए खतरा हैं या जिनमें रेबीज जैसे लक्षण हैं, नियमानुसार उन्हें मार दिया जाएगा। शांत और स्वस्थ कुत्तों को भांडेवाड़ी स्थित 'डॉग शेल्टर' में ले जाया जाएगा जहां उनकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा।

मेयो-मेडिकल से शुरू होगा अभियान

शहर के 2 अति संवेदनशील इलाकों मेयो अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से कार्रवाई की शुरुआत होगी। इन परिसरों में रात के समय मरीजों के रिश्तेदारों और छोटे बच्चों पर कुती के हमले की ढेरों शिकायतें मिल रही थी।

अस्पताल प्रशासन की लगातार मांग के बाद यह कदम उठाया गया है। इसके बाद मनपा के दस्ते स्कूलों, उद्यानों, बस स्टैंडों और बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी धमकेंगे।

शहर में 1 लाख से ज्यादा कुत्ते मनपा की 2025 की पशुगणना के अनुसार, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या 1,08।543 तक पहुंच गई है। शहर में हर महीने कुत्तों के काटने (डॉग बाइट) की 300 से अधिक घटनाएं सामने आती है।

'एनिमल बर्ष कट्रॉल' अभियान के तहत हर साल लगभग 15,000 कुर्ता की नसबंदी होती है लेकिन इसके बाठजूद उनकी आबादी नियंत्रण में नहीं आ रही। इसी को देखते हुए मनपा ने सुप्रीम कोर्ट के खतरनाक कुते हटाएं' निर्देश का कड़ाई से पालन करने का फैसला किया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com