

Nagpur Duronto Express Railway Rules: नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान यात्रियों से कथित रूप से अतिरिक्त शुल्क वसूली किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। राज्यसभा सांसद डॉ। अनिल बोंडे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने वर्ष 2013-14 के पुराने सर्कुलर के आधार पर की जा रही वसूली को वर्तमान परिस्थितियों में अनुचित चताते हुए तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
पत्र में सांसद ने भारतीय रेल अधिनियम 1989 का हवाला देते हुए कहा है कि यदि कोई यात्री बिना टिकट पाया जाता है तो उससे केवल उस स्टेशन तक का किराया और निर्धारित अतिरिक्त शुल्क ही लिया जा सकता है जहां वह पकड़ा गया हो।
यदि यात्री आगे की यात्रा करना चाहता है तो उसे केवल शेष दूरी का किराया देना चाहिए, इसके विपरीत पूरे मार्ग का किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूलना नियमों के विरुद्ध प्रतीत होता है। सांसद बोंडे ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है और रेलवे की छवि भी प्रभावित हो रही है।
वर्ष 2013-14 में विशेष सर्कुलर पर उठे रहे सवाल डॉ. बोंडे ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि नागपुर-मुंबई दुरतो एक्सप्रेस के शुरुआती संचालन के समय कैथल प्रारंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक ही टिकट जारी किए जाते थे।
मध्यवर्ती स्टेशनों के लिए टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण वर्ष 2013-14 में एक विशेष सर्कुलर जारी किया गया था जिसके आधार पर टिकट जांच स्टाफ द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता था।
समय के साथ परिस्थितियां बदल चुकी है। अब इस ट्रेन का विभिन्न मध्यवर्ती स्टेशनों पर नियमित ठहराव है और उन स्टेशनों के लिए टिकट भी जारी किए जा रहे हैं। पुराने सर्कुलर के आधार पर यात्रियों से पूरे मार्ग का किराया और अतिरिक्त शुल्क वसूलना उचित नहीं माना जा सकता।