पूनम टॉवर-चैंबर पर हाईकोर्ट सख्त: अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई में अड़चनें, सुनवाई जून तक टली

Nagpur Illegal Construction: नागपुर के पूनम टॉवर और पूनम चैंबर में अवैध निर्माण मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। मनपा ने कार्रवाई रिपोर्ट पेश की, जबकि रुकावटों का भी उल्लेख किया गया।
High Court Takes Strict Stance on Poonam Tower-Chambers: Hurdles in Action to Remove Illegal Structures; Hearing Adjourned Until June
नागपुर अवैध निर्माण, पूनम टॉवर मामला,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Illegal Construction Municipal Action: नागपुर पूनम टॉवर और पूनम चैंबर में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश हाई कोर्ट द्वारा दिया गया था। आदेश के अनुसार मनपा की ओर से पूनम टॉवर के खिलाफ तो कार्रवाई पूरी कर ली गई, किंतु पूनम टॉवर का अवैध निर्माण भारी भरकम होने के कारण अभी भी यहां कार्रवाई जारी है।

बुधवार को सुनवाई के दौरान मनपा की और से पैरवी कर रहे अधि। जेमिनी कासट ने हलफनामा दायर किया। अधि। कासट ने कहा कि पूनम चैंबर में कार्रवाई के दौरान दखलंदाजी कर सम्पत्तिधारक की ओर से रुकावटें लाई जा रही हैं। सुनवाई के दौरान एन। कुमार की और से भी हलफनामा दायर किया गया जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार करते हुए सुनवाई जून तक के लिए स्थगित कर दी।

पुलिस बंदोबस्त में जारी कार्रवाई

नागपुर मनपा की पैरवी कर रहे अधि, कासट ने कोर्ट को बताया कि एन। कुमार की ओर से रुकावटें लाई जाने के कारण अब पुलिस बंदोबस्त में कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है जिससे कार्रवाई की गति धीमी है। किंतु इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। कार्रवाई पूरी करने के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध भी कोर्ट से किया गया। इसके विपरीत एन. कुमार की ओर से दायर हलफनामा में बताया गया कि पूनम चैंबर में वैध हिस्से पर भी कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनके पास मंजूर नक्शा है। गत समय ही मनपा की ओर से पूनम चैंबर की कार्रवाई को पूरा करने के लिए 2 माह का समय देने का अनुरोध किया गया था।

इमारत की छठवीं मंजिल तक रह रहे लोग

सुनवाई के दौरान यह बताया गया कि पूनम टॉवर में बेसमेंट, सर्विस फ्लोर और अन्य अवैध प्रोजेक्शन सहित सभी निर्दिष्ट हिस्सों का विश्वस कार्य पूरा हो चुका है और यह रिपोर्ट के अनुसार अनुपालन की स्थिति में है। हालांकि पूनम चैंबर के मामले में मनपा ने 2 से 3 महीने का अतिरिक्त समय मांगा है।

दलील दी गई कि 7वीं मंजिल पर विध्वंस का काम जारी है, जबकि पहली से छठवीं मंजिल तक लोग रह रहे हैं, जिससे काम में कठिनाई आ रही है। गत समय ही अदालत ने इतनी लंबी अवधि के विस्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह काम अधिकतम 15 दिन या 3 सप्ताह में पूरा होना चाहिए।

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