गड़चिरोली: वाकड़ी गांव को खाली करने के नोटिस से हड़कंप; पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वाघरे ने SDO को सौंपा ज्ञापन

गड़चिरोली के वाकड़ी गांव में नागरिकों ने जगह खाली करने के नोटिस के खिलाफ रोष व्यक्त किया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने ज्ञापन सौंपा।
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Gadchiroli News: गड़चिरोली तहसील के वाकड़ी गांव में प्रशासन द्वारा जगह खाली करने के नोटिस जारी किए जाने से नागरिकों में रोष व्याप्त है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रशांत वाघरे ने उपविभागीय अधिकारी एम. अरुण को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि वाकड़ी के कई परिवार पिछले 60-70 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उन्होंने स्वयं के खर्च से मकान बनाए हैं। कुछ नागरिकों को भू-अभिलेख विभाग से जमीन के पट्टे मिले हैं, लेकिन कई परिवार अब भी इससे वंचित हैं।

क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान, जिला परिषद स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी और पटवारी कार्यालय जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसके बावजूद 22 दिसंबर 2025 को वन विभाग और प्रशासन की ओर से जगह खाली करने के नोटिस जारी किए जाने से लोगों में भय का माहौल है।

वाघरे ने मांग की है कि नागरिकों को उनके निवास स्थल पर स्थायी अधिकार दिए जाएं, जिनके पास पट्टे नहीं हैं उन्हें तत्काल पट्टे प्रदान किए जाएं और नोटिस पर रोक लगाई जाए।

इस दौरान बंडू झाडे, अतुल खांडरे, ज्ञानेश्वर बोरकुटे, मनोहर किणेकर, हेमकुमार निंबोड, दुमनबाई कुकुडकर, मधुकर सेलोटे, सुरेश नरूले, दुधराम पाल और योगेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

“मकान नहीं हटाए जाएंगे”

उपविभागीय अधिकारी एम. अरुण ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया भूमि नियमितीकरण के लिए शुरू की गई है। वन विभाग और प्रशासन की ओर से अतिक्रमण धारकों को नोटिस दिए गए हैं, लेकिन किसी भी नागरिक का मकान नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपील की।

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