

Nagpur Maharashtra National Law University: नागपुर के महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू) के विस्तारित कैंपस में 371.45 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी विकास परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत छात्र-छात्राओं के हॉस्टल के साथ-साथ एक अत्याधुनिक भव्य पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की स्थापना की जा रही है।
इसका डिजाइन भारतीय गुरुकुल परंपरा के 'ज्ञानवृक्ष' (वृक्ष की छाया में शिक्षा) की अवधारणा पर आधारित है। किसी भी संस्थान के लिए लाइब्रेरी का महत्व काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए यहां पर 90 करोड़ की लागत से लाइब्रेरी बनाई जा रही है, जो देश के किसी भी उन्नत शैक्षणिक संस्थानों से अलग करेगा। वैसे भी लॉ स्कूल होने के कारण लाइब्रेरी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
इसकी कमी आने वाली लाइब्रेरी पूरी करने जा रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाए जा रहे इस पुस्तकालय को विश्वविद्यालय के मास्टर प्लान में केंद्रीय स्थान दिया गया है जिससे सभी कक्षाओं और विभागों से यहां पहुंचना बेहद आसान होगा।
विशाल क्षमताः 1.22 लाख वर्ग फीट में फैले इस पुस्तकालय में 50,000 पुस्तकों को रखने की क्षमता होगी। इसके साथ ही एक समय में 1,000 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी।
पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकलाः इमारत में प्राकृतिक रोशनी और हवा के लिए विशेष लाइट वेल और आंगन बनाए गए हैं। छत पर 'नॉर्थ लाइट्स' के साथ सोलर पैनल लगाए जाएंगे जिससे प्राकृतिक प्रकाश के साथ-साथ सौर ऊर्जा का भी उत्पादन होगा।
शोधार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाः पीएचडी शोधकर्ताओं के लिए 50 अलग क्यूबिकल्स और मूट कोर्ट समिति के लिए 5 स्वतंत्र कक्ष बनाए जा रहे हैं।
समावेशी सुविधाएं: दिव्यांग छात्रों के लिए ब्रेल लिपि की पुस्तकें, ऑडियोबुक रीडर और अलग ई-रीडिंग सीटिंग एरिया की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
नागपुर में महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू) के विस्तारित कैंपस में पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला और शोध सुविधाओं से लैस यह पुस्तकालय विद्यार्थियों के अध्ययन और अनुसंधान को एक नई दिशा देगा, शिक्षा क्षेत्र में यह अपना अलग आयाम सेट करेगा, विभाग के अधिकारी इस कार्य को बेहतरीन रूप से करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। प्लानिंग से लेकर डिजाइनिंग और क्वालिटी तक में ध्यान रखा जा रहा है।
- शिवाजी माने, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता