Green Ganeshotsav: पर्यावरण अनुकूल मूर्तियों के लिए MBMC ने की नई पहल, इन विक्रेताओं को मिलेगी मुफ्त मंडप

Green Ganeshotsav: मीरा-भाईंदर मनपा ने ग्रीन गणेशोत्सव की तैयारी तेज कर दी है। शाडू मिट्टी की मूर्तियों को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण हितैषी विक्रेताओं को मुफ्त मंडप और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
MBMC Green Ganeshotsav Shadu Clay Idols Free Stall Permit
ग्रीन गणेशोत्सव (फोटो नवभारत)
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MBMC Green Ganeshotsav: आगामी गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और अनुशासित ढंग से मनाने के लिए मीरा- भाईंदर मनपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आयुक्त राधाबिनोद ए. शर्मा और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे के मार्गदर्शन में गणेश मंडलों, मूर्तिकारों और मूर्ति विक्रेताओं के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त कविता बोरकर, कार्यकारी अभियंता नितिन मुकाने, प्रभाग अधिकारी तथा विभिन्न गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मनपा प्रशासन ने शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को अपनाने, पीओपी प्रतिमाओं से परहेज करने, प्राकृतिक सजावट, कृत्रिम विसर्जन तालाबों के उपयोग, निर्माल्य के वैज्ञानिक निस्तारण, सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करने की अपील की।

शाडू मूर्तिकारों को मिलेगा मुफ्त मंडप

मीरा-भाईंदर मनपा ने स्थानीय मूर्तिकारों और पर्यावरण हितैषी पहल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि शाडू मिट्टी की पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं बनाने और बेचने वाले मूर्तिकारों को मूर्ति विक्रय के लिए मुफ्त मंडप परमिट दिया जाएगा। इसके साथ ही निजी भूमि पर मूर्ति निर्माण केंद्र और सार्वजनिक स्थानों पर विक्रय केंद्र स्थापित करने के लिए अस्थायी मंडपों की निर्धारित दरें भी तय कर दी गई हैं।

मनपा ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति मंडप लगाकर प्रतिमा निर्माण या बिक्री करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्वीकृत सीमा से अधिक क्षेत्र घेरने पर जुर्माना लगाया जाएगा और अतिरिक्त मंडप तत्काल हटाए जाएंगे।

हरित गणेशोत्सव के लिए सहयोग की अपील

अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे ने गणेश मंडलों, मूर्तिकारों और नागरिकों से इस वर्ष गणेशोत्सव को पर्यावरण अनुकूल और अनुशासित तरीके से मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मंडल मनपा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, जन सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और विसर्जन प्रबंधन में प्रशासन का सहयोग करें।

उन्होंने शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को अपनाने, सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचने, प्राकृतिक सजावट का उपयोग करने तथा कृत्रिम विसर्जन तालाबों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आग्रह किया। डॉ. पानपट्टे ने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही 'हरित, स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव' का उद्देश्य सफल होगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

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