नागपुर: मिहान में उद्योगों की कमर तोड़ने की तैयारी! बिजली दरें लगभग दोगुनी करने का प्रस्ताव
Nagpur MIHAN Electricity Tariff Hike: मिहान में बिजली दरों में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है। एमएडीसी के प्रस्ताव के अनुसार 2029-30 तक बिजली दर करीब दोगुनी हो सकती है।
- Written By: अंकिता पटेल
मिहान, बिजली दर, एमएडीसी,प्रतीकात्मक तस्वीर (साेर्स: एआई फोटो)
Nagpur MIHAN lectricity Power Tariff Hike: नागपुर महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमएडीसी) मिहान के लिए ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारी’ है। मिहान में बिजली सप्लाई और दरें निर्धारित करने की जिम्मेदारी इसी के पास है। एमएडीसी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2029-30 तक के लिए संशोधित टैरिफ का प्रस्ताव पेश किया है।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट और अपीलीय न्यायाधिकरण के उन निर्देशों के पालन में उठाया गया है जिनमें 31 मार्च 2028 तक सभी नियामक परिसंपत्तियों और राजस्व अंतराल को समाप्त करने का आदेश दिया गया है। जो प्रस्ताव दिया गया है उसके अनुसार आने वाले वर्षों में बिजली दर लगभग दोगुनी हो जाएगी।
वर्तमान में मिहान में बिजली की दर 6.76 रुपये प्रति यूनिट है और प्रस्ताव के मान्य होने के बाद यह क्रमशः 9.13, 11.13, 11.53, 11.25 रुपये यूनिट तक पहुंच जाएगी। दिए गए प्रस्ताव का अभी से कड़ा विरोध उद्यमी करने लगे हैं। उनका कहना है कि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उद्योगों की कमर टूट जाएगी।
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प्रस्तावित टैरिफ और प्रभाव
एमएडीसी ने एक ऐसी रणनीति अपनाई है जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 और वित्तीय वर्ष 2027-28 में टैरिफ में वृद्धि होगी, ताकि बकाया राशि की भरपाई की जा सके। इसके बाद अगले 2 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2028-29 और वित्तीय वर्ष 2029-30) में टैरिफ में कमी की जाएगी।
वित्तीय वर्षवार प्रस्तावित टैरिफ में बदलाव
| वित्तीय वर्ष | प्रस्तावित टैरिफ में बदलाव |
|---|---|
| 2026-27 | +9.15% |
| 2027-28 | +8.88% |
| 2028-29 | +9.78% |
| 2029-30 | -1.69% |
मुख्य बिंदु
- समायोजन: कंपनी का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2027-28 के अंत तक पूरे राजस्व अंतराल को समाप्त करना है।
- व्हीलिंग चार्जेस: एमएडीसी ने प्रस्तावित किया है कि व्हीलिंग शुल्क से ‘वायर्स बिजनेस’ की पूरी लागत वसूली जाए।
- फिक्स्ड चार्जेस: कंपनी ने फिक्स्ड/डिमाड चार्जेस को वही रखने का प्रस्ताव दिया है जो 28 मार्च 2025 के पिछले एमवाईटी आदेश में अनुमोदित किए गए थे।
- श्रेणी-वार दरें: एचटी (हाई टेंशन) और एलटी (लो टेंशन) उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क में प्रस्तावित बदलाव किए गए है जिसका विस्तृत विवरण एमईआरसी के समक्ष दाखिल आवेदन में दिया गया है।
एमएडीसी ने महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग से इस संशोधित टैरिफ प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया है ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन समयबद्ध तरीके से किया जा सके।
भविष्य की राह
अगले कुछ महीनों में महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) इस याचिका पर जनसुनवाई आयोजित कर सकता है। मिहान क्षेत्र के औद्योगिक संगठनों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों के पास यह अवसर है कि वे अपना पक्ष रख सकेंगे, इसलिए उद्योग संगठनों ने अभी से पहल शुरू कर दी है और इस एमवाईटी का कड़ा विरोध किया जा रहा है।
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श्रेणी-वार प्रभाव
| उपभोक्ता श्रेणी | प्रस्तावित फिक्स्ड/डिमांड चार्ज | ऊर्जा शुल्क |
|---|---|---|
| एचटी उद्योग | ₹300 प्रति केवीए | ₹5.20 प्रति केवीएएच |
| एचटी कमर्शियल | ₹320 प्रति केवीए | ₹5.25 प्रति केवीएएच |
| एलटी उद्योग | ₹250 प्रति केवीए | ₹5.25 प्रति केवीएएच |
| एलटी कमर्शियल | ₹280 प्रति केवीए | ₹5.30 प्रति केवीएएच |
