Mauda Illegal Parking Issue: नागपुर जिले के मौदा शहर के लगभग सभी रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में आंतरिक सीमेंट सड़कों का निर्माण हुआ है। सड़कों के दोनों ओर स्थित भूखंडों (प्लॉट्स) पर कई घर बन गए हैं। लेकिन इन रास्तों से गुजरते समय यह देखा जाता है कि कई वाहन चालक अपने निजी वाहन घर के सामने सड़क के किनारे ही खड़े कर देते हैं।
इतना ही नहीं, जिन नागरिकों के घर सड़क के मोड़ पर स्थित हैं, उन्होंने अपने घर की दीवारों को नुकसान से बचाने के लिए कोनों पर बड़े पत्थर रख दिए हैं। इस कारण जब कोई वाहन सड़क पर मोड़ लेता है, तो ये पत्थर गाड़ी से टकरा जाते हैं, जिससे वाहनों का नुकसान होता है। कई लोगों ने तो सड़कों पर नए निर्माण कार्य के लिए रेत, ईंटें और अन्य सामग्री जमा कर रखी है, जिससे सड़कें चौड़ी होने के बावजूद संकरी हो गई हैं।
विशेष बात यह है कि नागरिक लाखों रुपए खर्च कर घर तो बनाते हैं, लेकिन अपने वाहनों के लिए पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं करते। इसके चलते मौदा शहर की आंतरिक सड़कों पर भारी मात्रा में वाहनों की पार्किंग दिखाई देती है। वास्तव में, प्रत्येक लेआउट में ‘ओपन स्पेस’ (खुली जगह) उपलब्ध है, लेकिन नपं प्रशासन द्वारा इन जगहों की सफाई न किए जाने के कारण वहां बड़े-बड़े झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। बारिश के दिनों में इन स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। इनमें से कई भूखंड ऐसे हैं जिनके मालिकों का सटीक रिकॉर्ड नपं के पास उपलब्ध नहीं है, जिससे प्रशासन भी असहाय नजर आता है।
जिन मालिकों के ये भूखंड हैं, उन्हें हर साल अपने प्लॉट की सफाई करनी चाहिए, ताकि परिसर में झाड़ियां न बढ़ें और पानी जमा न हो। इससे मच्छरों और रेंगने वाले जीवों का खतरा आसपास के निवासियों को नहीं होगा। इस मामले को ध्यान में रखते हुए नपं प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
इन भूखंडों की सफाई हो जाए, तो मौदा शहर की विभिन्न बस्तियों के बच्चों को खेल का मैदान उपलब्ध हो सकता है। वर्तमान में खेलने की जगह न होने के कारण कई बच्चे मुख्य मार्ग पर ही क्रिकेट और अन्य खेल खेलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। साथ ही, आंतरिक मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ‘स्पीड ब्रेकर’ (गतिरोधक) लगाना आवश्यक है।