महाराष्ट्र में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी, सरकार ने बनाई उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति, 1 महीने में देगी रिपोर्ट

Maharashtra Student Council Election: महाराष्ट्र सरकार ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए डॉ. सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
Maharashtra University Elections
नागपुर विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
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Maharashtra University Elections: महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और मान्यता प्राप्त संस्थानों में विद्यार्थी परिषद चुनाव कराने की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की है।

समिति महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 के तहत विद्यार्थी परिषद चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया का अध्ययन कर चुनाव को लेकर मार्गदर्शक नियम और नीतिगत सुझाव देगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया है।

मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति डॉ. सुहास पेडणेकर समिति के अध्यक्ष हैं। स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति डॉ. पंडित विद्यासागर और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के पूर्व प्र-उपकुलपति डॉ.एन. एस. उमराणी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिकारी, प्राचार्य और विशेषज्ञ समिति में शामिल हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.प्रसाद कारंडे सदस्य सचिव होंगे। समिति को एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।

पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर जोर

समिति 26 अक्टूबर 2018 को जानी एकरूप परिनियमों में विद्यार्थी चुनाव से संबंधित प्रावधानों का अध्ययन करेगी, चुनाव प्रक्रिया, आचार संहिता और शिकायत निवारण व्यवस्था को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश सुझाए जाएंगे, विद्यार्थी परिषदों में महिलाओं, अनुसूचित जाति-जमाति, विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति, अन्य पिछला वर्ग तथा एनएसएस एनसीसी, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने से जुड़े सुझाव भी समिति देगी।

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राजनीतिक हस्तक्षेप पर नियंत्रण

विद्यार्थी परिषद चुनाव में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप और व्यवसायीकरण रोकने के लिए नियम बनाने पर भी समित्ति विचार करेगी, इसके साथ ही परिषद के फंड, बजट, खर्च और समय पर लेखापरीक्षण को लेकर पारदर्शी व्यवस्था का सुझाव दिया जाएगा, नामांकन, छंटनी, मतदान और शिकायत निवारण प्रक्रिया को डिजिटल या ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की संभावना का भी अध्ययन किया जाएगा।

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