महामार्गों पर ‘यमराज’ बनकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक! 15 टन की क्षमता और 35 टन का भार; आखिर कब जागेगा आरटीओ?
Overload Truck Accidents Maharashtra: महामार्गों पर 'मौत का सौदागर' बने ओवरलोड ट्रक! 15 टन की क्षमता पर लादा जा रहा 8 ब्रास माल। आरटीओ की अनदेखी से बढ़ रहे हादसे। जानें कैसे होता है 'ओवरलोड का खेल'।
- Written By: प्रिया जैस
ओवरलोड ट्रक (AI Generated Image)
RTO Nagpur Highway Checking: महामार्गों पर क्षमता से दोगुना भार ढोने वाले ट्रक और वाहन सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ा रहे हैं। 10 पहियों वाले वाहनों की अधिकृत क्षमता लगभग 15 टन है। ऐसे में चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि इनमें 8 ब्रास तक सामान लादा जा रहा है। नियमों के अनुसार एक वाहन में अधिकतम 3.5 ब्रास सामान ही लादा जा सकता है लेकिन ट्रक के ढांचे में अतिरिक्त ‘रिप’ लगाकर क्षमता को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा रहा है।
परिणामस्वरूप एक ही वाहन में कम से कम 2 से 3 गाड़ियों के बराबर सामान ढोया जा रहा है। इस कारण कई जिंदगियां खतरे में हैं। यह भी सामने आया है कि सीमेंट, गिट्टी और पत्थरों के परिवहन में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं। सीमेंट कंपनियां अधिकृत क्षमता से अधिक माल की आपूर्ति नहीं करती हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टर सीमेंट कंपनी से 2 ट्रक माल लेते हैं। बाहर आने के बाद वे दोनों ट्रकों का माल एक ही ट्रक में लादकर आगे भेज देते हैं।
सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने इसके लिए गेट के बाहर ही इंतजाम कर रखे हैं। सड़क निरीक्षण होने पर भी आरटीओ अधिकारियों को केवल एक ही ट्रक दिखाया जाता है। आरटीओ अधिकारियों का यह भी मानना है कि कंपनी से निकलने वाले ट्रक ओवरलोड नहीं होते हैं, इसलिए यह सब बेरोकटोक जारी है लेकिन इसके चलते ओवरलोड वाहनों का आवागमन रुकने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है।
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समय पर नहीं लगते ब्रेक
वाहन अपनी क्षमता से अधिक भार से लदा होने के कारण ब्रेक लगाने पर भी समय पर नहीं रुकता और मोड़ों पर समय पर मुड़ भी नहीं पाता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों की गुणवत्ता अच्छी होने के बावजूद दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण ओवरलोड वाहन हैं। त्वरित लाभ कमाने के लालच में नियमों की अनदेखी की जा रही है जिसका असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है।
इस तरह चलता ओवरलोड का खेल
महामार्ग पर चलने वाले 10 पहियों वाले वाहन की अधिकृत क्षमता लगभग 15 टन है। एक ब्रास में लगभग 4.5 टन सामान आ सकता है। नियमों के अनुसार एक वाहन में अधिकतम साढ़े 3 ब्रास सामान लादा जा सकता है।
हालांकि वाहन निर्माता 6 ब्रास की क्षमता वाली बॉडी बनाते हैं और उसमें एक अतिरिक्त ‘रिप’ जोड़कर क्षमता को 2 ब्रास तक बढ़ा देते हैं। परिणामस्वरूप एक वाहन में 8 ब्रास तक सामान लादा जा रहा है जिससे सड़कों पर क्षमता से दोगुना भार पड़ रहा है।
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ओवरलोड वाहनों की भयावह वास्तविकता
- 15 टन क्षमता वाले वाहन में 8 ब्रास तक का सामान हो रहा लोड।
- 1 ट्रक में 2 ट्रकों का माल बेधड़क लादा जा रहा है।
- आरटीओ निरीक्षण के दौरान केवल एक का बिल दिखाया जाता है।
- ओवरलोड के कारण ब्रेकिंग में देरी होती है जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
- सड़कों का जीवनकाल घट रहा है और मरम्मत की लागत बढ़ रही।
- त्वरित लाभ कमाने की लालसा में नियमों का उल्लंघन।
