

Bhanutai Gadkari Memorial Diagnostic Centre: प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से हर 3 किलोमीटर पर एक स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क बनाने की योजना बनाई गई है। अगले चार सालों में महाराष्ट्र में देश की सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य व्यवस्था बनाई जाएगी और इसमें गैर-सरकारी संगठनों और नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही ज़रूरी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि आने वाले दिनों में सिकलसेल, थैलेसीमिया और एनीमिया के महंगे इलाज के लिए एक नई योजना तैयार की जाएगी।
स्वर्गीय भानुताई गडकरी ग्रामीण विकास समिति द्वारा संचालित स्वर्गीय भानुताई गडकरी स्मारक निदान केंद्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लश्करी बाग स्थित कमाल चौक पर किया। वे इस अवसर पर बोल रहे थे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि ज़िले के पालकमंत्री और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और स्वर्गीय भानुताई गडकरी ग्रामीण विकास समिति की अध्यक्ष कंचन ताई गडकरी भी उपस्थित थीं।
विधायक संदीप जोशी, विधायक प्रवीण दटके, विधायक आशीष देशमुख, महाबोधि सोसायटी, बेंगलुरु के महासचिव आदरणीय आनंद थेरा, रामकृष्ण मठ, नागपुर के अध्यक्ष राघवेंद्र स्वामी, पूर्व मंत्री एडवोकेट. सुलेखा कुंभारे, एएमटीजेड, विशाखापत्तनम के प्रबंध निदेशक राजेश लोया, डॉ. जितेंद्र शर्मा, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी, पूर्व सांसद डॉ. विकास महात्मे, पूर्व विधायक गिरीश व्यास, पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा के साथ-साथ संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नितिन जी में सेवा और संवेदनशीलता दोनों हैं। इसीलिए उन्होंने अपनी मां के नाम पर डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू करने और गरीबों की सेवा करने का विचार किया और उसे साकार किया।
स्वर्गीय भानुताई गडकरी ने नितिन जी को सामाजिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसीलिए वे देश में बहुत काम कर पा रहे हैं। वे हाशिए पर पड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उद्योग, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके विशेष कार्य हैं। डायग्नोस्टिक सेंटर इसी श्रृंखला में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा कदम है। एक ओर जहां चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीक का उपयोग बढ़ा है, वहीं सेवाओं की लागत भी अधिक है। यदि एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें भारतीय निर्मित होंगी, तो सेवाओं की लागत भी कम होगी। साथ ही, महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के अधिक प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य में अस्पतालों की संख्या बढ़ानी होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करते समय सेवा और सहानुभूति आवश्यक है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति, वंचितों की सेवा करने और उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए अंत्योदय का विचार दिया था। मैं उसी मार्ग पर निरंतर कार्यरत हूं। राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और सेवा, यही राजनीति का सच्चा अर्थ है। इसलिए मैं अपने कार्यों के माध्यम से गरीबों का जीवन कैसे बदल सकता हूं, इस बारे में सोचता रहता हूं।
इसी प्रेरणा से, अनेक लोगों के सहयोग से, स्वर्गीय भानुताई गडकरी मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना की गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि वे उस मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर पाए जिसने उन्हें जन्म दिया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि यह केंद्र व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।