महाराष्ट्र में 'छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान' शुरू, अब चुटकियों में निपटेंगे राजस्व और जमीन के काम

Revenue Cases Settlement: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पेंडिंग पड़े राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान लॉन्च किया है। इसके तहत नागरिकों को 15 से ज्यादा सरकारी सेवाएं मिलेंगी।
Chhatrapati Shivaji Maharaj Maharajswa Abhiyan
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Shivaji Maharaj Maharajswa Abhiyan: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के आम नागरिकों, किसानों और छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 'छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व अभियान' (चरण-1) की शुरुआत की है। प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शिव जयंती के पावन अवसर पर इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सालों से लंबित पड़े राजस्व मामलों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर हल करना और सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाना है।

मौके पर ही मिलेंगी 15 से ज्यादा सेवाएं

इस अभियान के तहत पूरे राज्य में 'समाधान शिविरों' का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में फेरफार (Mutation entries), 7/12 और 8-अ (8-A) के डिजिटल हस्ताक्षर वाले उतारे, आय प्रमाण पत्र, अधिवास (Domicile), जाति प्रमाण पत्र और नॉन-क्रीमी लेयर जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तुरंत उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, छात्रों के लिए आवश्यक विभिन्न प्रमाण पत्र भी ऑन-द-स्पॉट दिए जाएंगे।

सीएम फडणवीस के मार्गदर्शन में तैयार हुई योजना

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विस्तृत चर्चा के बाद इस अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस शिव जयंती पर हम प्रशासन को सीधे लोगों तक ले जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य पारदर्शिता लाना और आम आदमी के समय और पैसे की बचत करना है।

कब लगेंगे शिविर?

अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली बनाई गई है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में कमिटी काम करेगी, जबकि राज्य स्तर पर खुद मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले इसकी दैनिक मॉनिटरिंग करेंगे। रेवेन्यू सर्कल लेवल पर तैयारी का फेज 18 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। कैंप 7 और 14 मार्च, 10 और 17 अप्रैल, और 8 और 15 मई को लगेंगे। मई माह में नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर फोकस किया जाएगा।

इन कार्यों में मिलेगी बड़ी राहत

अभियान के दौरान खेती के रास्ते (पाणंद रास्ता), बिन-खेती (NA) अनुमति, पीएम-किसान अपडेट, और एग्रीस्टैक से संबंधित समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण के लंबित मामलों और गांव के रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी।

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