MD तस्करी का जाल: नागपुर में ड्रग्स की बड़ी खेप का पर्दाफाश, पुलिस जांच में नए खुलासे

Nagpur Drug Seizure News: नागपुर में 7.5 किलो एमडी ड्रग्स जब्ती मामले में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े तार सामने आए हैं।
MD Trafficking Racket: Major Drug Consignment Busted in Nagpur; New Revelations Emerge in Police Investigation
ड्रग्स तस्करी, एमडी ड्रग्स, नागपुर पुलिस,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Crime MD Drugs: नागपुर जरीपटका पुलिस द्वारा रविवार को शहर में बरामद किए गए 7.5 किलो मेफेड्रॉन ड्रग्स (एमडी) की तस्करी के मामले में सोमवार को जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली से जुड़े तस्कर गिरोह द्वारा एमडी ड्रग्स की एक और बड़ी खेप नागपुर भेजी जाने वाली थी।

हालांकि फिलहाल त्योहारों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से इसमें अस्थायी देरी हुई थी। प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुए सीपी रवींद्र कुमार सिंगल ने बताया कि नागपुर में ड्रग्स तस्करी के इतिहास की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

7.5 किलो एमडी ड्रग्स बरामद, सप्लाई नेटवर्क की तलाश तेज

जरीपटका पुलिस ने रविवार सुबह कपिलनगर थाना क्षेत्र के उप्पलवाड़ी परिसर में स्थित एसडीपीएल आश्रय इमारत पर छापा मारकर ड्रग तस्कर मजहर अली उर्फ अकबर अली (30) को गिरफ्तार किया था। उसके पास से करीब 7.5 किलो एमडी ड्रग्स बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि यह ड्रग्स उसे उत्तर प्रदेश के एक तस्कर से मिला, साथ ही यह खेप नई दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए मध्य प्रदेश होते हुए नागपुर पहुंचाई गई थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस की 2 टीमें उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली रवाना की गई हैं। बताया जाता है कि मजहर अली के पास इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स एक साथ नहीं पहुंचा था। 2 से 3 बार में इसकी खेप नागपुर लाई गई थी जिसे उसने जमा कर अपने फ्लैट में छिपा रखा था। इसके अलावा तस्करों द्वारा एक और बड़ी खेप नागपुर भेजने की तैयारी थी लेकिन वर्तमान में चल रहे त्योहारों के कारण सप्लाई नेटवर्क के छोटे तस्कर सक्रिय नहीं थे जिससे खेप की आपूर्ति में देरी हो रही थी, इसी बीच जरीपटका पुलिस को इसकी भनक लग गई और उसने मजहर अली को दबोच लिया।

उबर चालक की सूचना से खुला मामला

जरीपटका पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीम ने पिछले महीने 1 उबर टैक्सी चालक को ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसी चालक ने मजहर अली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार टैक्सी चालक के रूप में काम कर चुके मजहर अली के संपर्क में था। मजहर अली भी पहले टैक्सी चलाता था। इसी सूचना के आधार पर जरीपटका पुलिस पिछले एक महीने से उस पर नजर रखे हुए थी। पुलिस को यह भी पता चला कि विवाहित मजहर अली के एक महिला के साथ संबंध थे। वह महिला उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल आश्रय इमारत में किराये के कमरे में आती-जाती थी। यह कमरा मजहर ने ही किराये पर लिया था। पूरी जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने रविवार को छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने उसे पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं।

ड्रग्स लेने वालों का पुनर्वास जरूरी

सीपी सिंगल ने बताया कि पुलिस ने 1 मार्च 2024 से 1 जून 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1,037 कार्रवाई की है जिनमें कुल 1,366 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनसे 20 करोड़ से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त किए गए, गांजा की 184 कैस किए गए जिनमें 1,370 किलो ग्राम गांजा जब्त कर 269 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एमडी के 182 केस किए गए जिनमें 329 आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 करोड़ से ज्यादा का माल जब्त किया गया।

अब पुलिस ड्रग्स के आदी हुए लोगों के पुनर्वास और व्यसन मुक्ति पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। 17 मान्यता प्राप्त व्यसन मुक्ति केंद्रों के साथ समन्वय करके उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। कोर्ट की अनुमति लेकर यह काम किया जा रहा है। युवाओं को ड्रग्स से दूर रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

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