

Nagpur Land Fraud Fake Consent Letter: नागपुर फर्जी सहमति पत्र तैयार कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में बेलतरोडी पुलिस ने ठग कोरपाटी बंधुओं को गिरफ्तार किया है। विगत 27 मार्च को पुलिस ने धूरखेड़ा, कोंढाली निवासी संजय सुरेंद्रलाल जायसवाल (60) की शिकायत पर भेंडाला तारसा, मौदा निवासी रमनाकर कृष्णमोहनराव कोरपाटी (56), मधुकर कृष्णमोहनराव कोरपाटी (54) और श्रीनिवास कृष्णमोहनराव कोरपाटी (52) के खिलाफ विविध धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
जायसवाल और उनके परिवार के 8 अन्य वारिसों की मौजा वरोड़ा में स्थित पैतृक जमीन वन विभाग के झाड़ी जंगल क्षेत्र में शामिल हो गई थी। जमीन को मुक्त कराने और सातबारा अभिलेख में नाम दर्ज कराने के लिए वर्ष 2015 में वारिसों ने रमनाकर कोरपाटी को आममुख्तियारपत्र दिया था। हालांकि यह कार्रवाई अपेक्षित समयावधि में पूरी नहीं होने पर वर्ष 2019 में यह आमुख्तियारनामा रद्द कर दिया गया।
आरोपियों द्वारा उन्हें दिए गए 29 लाख रुपये भी वापस कर दिए गए। इसके बावजूद आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर रद्द किए जा चुके मुख्तियारपत्र का दुरुपयोग किया। जायसवाल और अन्य वारिसों के नाम से फर्जी सहमति पत्र तैयार कर उनकी अनुमति के बिना संबंधित जमीन का सौदा मोतीलाल चौधरी, सुधीर पटेल और अन्य लोगों के साथ किया।
उनसे करोड़ों रुपये भी लिए गए। इस मामले में आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे थे। बीते शुक्रवार को बेलतरोडी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया, आरोपी रमनाकर कोरपाटी के खिलाफ और भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली।