
इंडिगो (सौजन्य-IANS)
नागपुर, नगर प्रतिनिधि। इंडिगो एयरलाइंस की लापरवाही के कारण शनिवार सुबह दिल्ली से नागपुर आने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसकी वजह रही अमृतसर से दिल्ली आने वाली फ्लाइट का बहुत ज्यादा देरी से परिचालन और फिर इंडिगो कर्मचारी द्वारा गेट की गलत जानकारी देना।
जानकारी के अनुसार, अमृतसर से नागपुर आ रहीं यात्री डॉ. पूनम मदान सुनेजा के पास इंडिगो की दो फ्लाइटों के बोर्डिंग पास थे। पहली फ्लाइट 6ई 5215 (अमृतसर से दिल्ली, 7 नवम्बर 2025) जिसका डिपार्चर टाइम 22.50 बजे था और आगमन टर्मिनल टी3 था। दूसरी कनेक्टिंग फ्लाइट 6ई 6820 (दिल्ली से नागपुर, 8 नवम्बर 2025) टर्मिनल टी1 से 04.40 बजे रवाना होने वाली थी।
डॉ. पूनम का कहना है कि पहली फ्लाइट अमृतसर से लेट हुई, जिससे दिल्ली रात करीब 12 बजे पहुंचने के बजाय रात करीब 3.15 बजे पहुंची। मेरे साथ नागपुर आने वाली एक और महिला यात्री थी। फिर हम भागते-दौड़ते टी3 से टी1 पहुंचे। यहां इंडिगो काउंटर पर नागपुर वाली फ्लाइट का गेट पूछा तो कर्मचारी ने गेट नंबर 11 बताया।
यहां आने पर पता चला कि फ्लाइट गेट नंबर 33 पर है। ऐसे में गलत जानकारी मिलने के कारण गेट 33 तक पहुंचने में हमें समय लग गया। फ्लाइट के गेट बंद हो चुके थे। सुबह 04.40 बजे नागपुर जाने वाली फ्लाइट उड़ने को तैयार हो चुकी थी।
डॉ. पूनम ने बताया कि पहली फ्लाइट की देरी के बाद सबसे दुखद इंडिगो कर्मचारी द्वारा गेट नंबर बताने में गलती करना ज्यादा प्रताड़ित करने वाला रहा। गेट नंबर 33 पर पहुंचने पर हमने इंडिगो कर्मचारियों से बार-बार अनुरोध किया कि हमें फ्लाइट में बैठने दिया जाए या किसी तरह की वैकल्पिक मदद की जाए लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी, न तो कोई सहायता मिली, न ही स्टाफ का व्यवहार यात्रियों के प्रति उचित रहा।
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उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था मानो इंडिगो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “हवाई यात्रियों को फुल रिफंड” नीति रास नहीं आ रही। इसलिए जानबूझकर यात्रियों को देरी कर अगली फ्लाइट में बैठने से रोका जा रहा है। मैं इस पूरे मामले की शिकायत डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल आफ सिविल एविएशन) में करूंगी। एयरलाइंस को यात्रियों की स्थिति को समझते हुए कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए बेहतर समन्वय और सहायता देनी चाहिए न कि उन्हें परेशानी में छोड़ देना चाहिए।






