

Nagpur Hiramal Thali Restaurant Action: नागपुर की सुबह सिविल लाइंस स्थित वाईएमसीए लॉन्स में चलने वाले हीरामल थाली रेस्टोरेंट के मालिक और कर्मचारियों में उस समय हड़कम्प मच गया जब मनपा के प्रवर्तन विभाग का दस्ता बर्डी थाना के पुलिस बल को लेकर जेसीबी के साथ कार्रवाई के लिए यहां पहुंच गया। धरमेपठ जोन के सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम की ओर से यहां के अवैध निर्माण को हटाने के लिए रेस्टोरेंट के मालिक तथा वाईएमसीए को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था।
मनपा के नियमों के अनुसार अवैध निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय भी प्रदान किया गया। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर शुक्रवार को कार्रवाई सुनिश्चित की गई। कार्रवाई के लिए जैसे ही दस्ता पहुंचा वहां पर हड़कम्प मच गया। काफी समय तक रेस्टोरेंट के मालिक की ओर से कार्रवाई रोकने का प्रयास भी किया गया किंतु पहले ही काफी समय दिए जाने के कारण अंतत: दस्ते ने बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। बुलडोजर चलते देख नुकसान होने की संभावना के चलते हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
मनपा की ओर से हीरामल थाली रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी किंतु स्वागत लॉन (वाईएमसीए) की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने 19 अगस्त तक स्थिति को जैसे थे बनाए रखने के आदेश दिए।
चूंकि वाईएमसीए की ओर से याचिका दायर की गई थी और लॉन्स को लेकर पहले ही हाई कोर्ट की ओर से स्वयं संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया गया है, अत: कोर्ट ने इसके मद्देनजर लॉन्स को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही बेंच के समक्ष जाने के निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। हाई कोर्ट की ओर से ‘जैसे थे’ के आदेश मिलने के कारण फिलहाल मनपा की ओर से कार्रवाई को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया।
मनपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट द्वारा स्प्ष्ट रूप से 19 अगस्त तक ही ‘जैसे थे’ के आदेश जारी किए हैं। इसी बीच याचिकाकर्ता को संबंधित कोर्ट के समक्ष जाकर अर्जी दायर करना है। यदि संबंधित अदालत द्वारा कोई रोक या स्थिति को यथावह बनाए रखने के आदेश नहीं दिए जाते हैं तो फिर से स्थगित कार्रवाई शुरू की जाएगी और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा।
मनपा प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पूर्व विभाग द्वारा वाईएमसीए और हीरामल थाली का नापजोक किया गया था जिसमें पूरा निर्माण कार्य अवैध पाया गया। न तो वाईएमसी की ओर से किसी तरह का नक्शा तैयार किया गया था और न ही हीरामल थाली रेस्टोरेंट की ओर से किसी तरह का नक्शा मंजूरी कराया गया था जिससे पूरा निर्माण कार्य अवैध होने से अंतत: कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
यह महत्वपूर्ण अतिक्रमण विरोधी अभियान धरमपेठ ज़ोन के सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम और सीताबर्डी पुलिस स्टेशन के पीएसआई विनोद जनबंधू की विशेष उपस्थिति में चलाया गया। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल के साथ-साथ अतिक्रमण विभाग और एनडीएस धरमपेठ ज़ोन के कई अधिकारी व कर्मचारी भी भारी संख्या में उपस्थित थे। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई जब शुरू थी तभी इस मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया। कोर्ट ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए इस अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई पर ‘जैसे थे’ आदेश जारी कर दिया।