हिंगना डिगडोह नगर परिषद में टेंडर विवाद, भाजपा पर मिलीभगत का आरोप; विपक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी

Hingna Digdoh Civic Politics: हिंगना डिगडोह (देवी) नगर परिषद में निविदा प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर मिलीभगत के आरोप लगे। विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट कर आंदोलन की चेतावनी दी।
Tender Dispute in Hingna Digdoh Municipal Council; BJP Accused of Collusion; Opposition Warns of Agitationc
हिंगना डिगडोह, नगर परिषद,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Hingna Digdoh Nagar Parishad: हिंगना डिगडोह (देवी) नगर परिषद में विभिन्न कार्यों की निविदा प्रक्रिया निकालते समय सत्ताधारी भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया। इस पर आपत्ति जताते हुए विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस के पार्षदों ने निविदा प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। अन्यथा वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने सभा से बहिर्गमन (वॉकआउट) किया।

सभा से बाहर आने के बाद पार्षद सुरेश कालबांडे ने पत्रकारों से कहा कि डिगडोह नगर परिषद में भाजपा की सत्ता है, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस के पांच पार्षद विपक्ष में हैं। 10 लाख रुपये तक के विभिन्न कार्यों की निविदा निकालने का अधिकार मुख्याधिकारी को है।

बैठक में नगराध्यक्ष डॉ. पूजा उके के उपस्थित रहने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उनके अनुपस्थित रहने के कारण उपाध्यक्ष विनोद ठाकरे को अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई। इससे पहले स्थायी समिति की बैठक में विभिन्न कार्यों व खरीद संबंधी निविदाओं को मंजूरी दी गई थी, जिन्हें परिषद की बैठक में अंतिम स्वीकृति देने का विषय रखा गया।

विपक्ष का आरोप है कि स्थायी समिति द्वारा क्रमांक 1 से 13 तक मंजूर किए गए निर्णय बाजार दर से अधिक कीमत पर स्वीकृत किए गए हैं। जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। सीसीटीवी कैमरा व नेटवर्किंग सामग्री की आपूर्ति से संबंधित निविदा में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया।

नगर परिषद में फिजूलखर्ची का आरोप, विपक्ष ने आंदोलन की चेतावनी दी

भाजपा के सत्तारूढ़ होने के बाद से नगर परिषद में जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है और मुख्याधिकारी ने भी इस पर मौन सहमति दी है, ऐसा आरोप लगाया गया, विपक्ष ने कहा कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया और छोटे विकास कार्यों की भी अनदेखी हो रही है। प्रशासक के कार्यकाल में भी विकास कार्य चल रहे थे, लेकिन भाजपा की सत्ता आने के बाद विकास कार्यों की स्थिति बिगड़ गई है।

विपक्ष ने मांग की कि स्थायी समिति द्वारा मंजूर सभी निविदाएं रद्द कर नई निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए। इस संबंध में विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर विकास विभाग में शिकायत की जाएगी। यदि निविदा प्रक्रिया रद्द नहीं की गई, तो आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी गई। इस अवसर पर विपक्ष की गटनेता मनाली राजपूत, पार्षद श्रीधर मसराम, भारत मेश्राम, उमराज राहांगडाले तथा पार्षद विद्या देवगडे उपस्थित थीं।

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