

Vidarbha DJ Ban News: डीजे (DJ) और साउंड सिस्टम के अत्यधिक शोर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने बेहद गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि डीजे और डॉल्बी सिस्टम पर लगाए गए प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पुलिस और प्रशासन को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी। त्रिमूर्ति नगर मंडल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश जारी किए।
याचिकाकर्ता के वकील तुषार मंडलेकर ने अदालत को सूचित किया कि नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, दही हांडी और पारंपरिक मारबत जुलूस के दौरान खुलेआम डीजे बजाए जाने के वीडियो साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। इस पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि तय डेसिबल सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे/साउंड सिस्टम को तुरंत जब्त किया जाए और संबंधित आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई केवल नागपुर शहर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हाई कोर्ट की नागपुर पीठ के क्षेत्राधिकार में आने वाले पूरे विदर्भ के सभी 10 जिलों में इन ध्वनि प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अदालत ने पुलिस प्रशासन को अगले 15 दिनों के भीतर की गई प्रभावी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल को 22 सितंबर तक विस्तृत शपथपत्र (Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है। आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे विदर्भ में अवैध रूप से बजाए जा रहे तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर लगाम कसने की संभावना है।