नागपुर में OCW के काम से 28 घंटे बिजली गुल, फुटाला-भरतनगर अंधेरे में, पार्षद ने उठाए सवाल; नागरिक परेशान

Nagpur Power Outage: नागपुर के फुटाला, भरतनगर और आसपास के क्षेत्रों में ओसीडब्ल्यू के कार्य के दौरान हाईटेंशन केबल क्षतिग्रस्त होने से नागरिकों को करीब 28 घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ा।
OCW work in Nagpur causes 28-hour power outage; Futala and Bharat Nagar plunged into darkness; corporator raises questions; residents inconvenienced.
बिजली गुल, ओसीडब्ल्यू, नागपुर, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Power Outage OCW Work: नागपुर जिले में उचित योजना के बिना किए जा रहे कार्यों तथा संबंधित विभागों के साथ ओसीडब्ल्यू के समन्वय के अभाव के कारण फुटाला, भरतनगर एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लगभग 28 घंटे तक अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ा। पाइपलाइन एवं कैमरा परीक्षण से संबंधित कार्य के दौरान उत्खनन करते समय जेसीबी और अन्य मशीनरी के उपयोग से भूमिगत हाईटेंशन विद्युत केबल क्षतिग्रस्त हो गया जिसके कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित होने का दावा पार्षद अभिजीत झा ने किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच नागरिकों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ा।

तय की जाए जवाबदेही

महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उन्होंने की है। उन्होंने कहा कि सुधार कार्य के दौरान आखिर ऐसी चूक कैसे हुई, संबंधित विभागों के बीच समन्वय क्यों नहीं था और हजारों नागरिकों को 28 घंटे तक अंधेरे में क्यों रहना पड़ा, इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा और जवाबदेही के नियम लागू किए जाएं।

एजेंसी की मूलभूत जिम्मेदारी

झा ने कंपनी की कार्यशैली पर तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी एजेंसी की यह मूलभूत जिम्मेदारी होती है कि वह कार्य शुरू करने से पहले भूमिगत बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी प्राप्त करे। दुर्भाग्य से कंपनी द्वारा बार-बार लापरवाहीपूर्वक कार्य किए जा रहे हैं और उसका खामियाजा सीधे नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। एक गलती के कारण हजारों लोगों को 28 घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा। यह केवल तकनीकी विफलता नहीं बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के साथ गंभीर खिलवाड़ है।