पेंशन कोई खैरात नहीं: सेवानिवृत्त कर्मचारी के लाभ रोकने पर नागपुर मनपा पर भड़का हाई कोर्ट, आयुक्त को नोटिस

NMC Pension Controversy: नागपुर मनपा से सेवानिवृत्त वायरमैन को पेंशन न देने पर हाई कोर्ट ने मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं है।
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बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ की इमारत(सोर्स: सोशल मीडिया)
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The Bombay High Court Issued A Contempt Notice To NMC Commissioner: नागपुर महानगरपालिका (NMC) में कार्यरत रहे कर्मचारियों के वैध सेवा-लाभों का समय पर भुगतान न करने की संवेदनहीन कार्यप्रणाली पर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कड़ा प्रहार किया है। मनपा से वायरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी संजय गौतम को 2 साल तक उनके पेंशन और अन्य लाभों से वंचित रखने के मामले में अदालत ने मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर को कारण बताओ अवमानना नोटिस (Contempt Notice) जारी किया है।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए दोहराया कि "पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ कोई खैरात या दान नहीं हैं जो नियोक्ता अपनी मर्जी से बांटे, बल्कि यह कर्मचारी का संवैधानिक और वैध अधिकार है।"

31 मई 2024 को हुए थे रिटायर, लाभों के लिए काटते रहे दफ्तरों के चक्कर

संजय गौतम 31 मई 2024 को अपनी अर्हता अवधि पूरी करने के बाद मनपा सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के 6 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, जीपीएफ और जीआईसी का बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो उन्होंने न्याय के लिए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।

याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को ही मनपा को आदेश दिया था कि अगली सुनवाई से पहले सभी लाभों का भुगतान किया जाए या आयुक्त स्वयं हलफनामा दाखिल करें। इसके बावजूद मनपा प्रशासन अड़ा रहा और प्रक्रिया को टालता रहा।

8 मई 2026 के अंतिम फैसले का भी नहीं किया पालन

लगातार टालमटोल के बाद आखिरकार 8 मई 2026 को हाई कोर्ट ने याचिका को अंतिम रूप से स्वीकार करते हुए मनपा को 8 सप्ताह के भीतर (8 जुलाई 2026 तक) समूचा बकाया जारी करने का सख्त निर्देश दिया था। निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो याचिकाकर्ता ने एडवोकेट शैलेश नारनवरे के जरिए अवमानना याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान महानगर पालिका के वकील (एड. जाचक) अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश करने में विफल रहे और उल्टा 2 सप्ताह की और मोहलत मांगने लगे, जिस पर खंडपीठ ने भारी नाराजगी जताई।

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21 सितंबर तक अल्टीमेटम, वरना होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने मनपा के इस ढीले रवैये की तीव्र आलोचना करते हुए इसे आदेशों की सीधी अवहेलना माना। हाई कोर्ट ने मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर को नोटिस जारी करने के साथ ही 21 सितंबर तक आदेश का शत-प्रतिशत पालन करने का यह आखिरी मौका दिया है। यदि 21 सितंबर तक संजय गौतम को उनका सारा हक नहीं मिला, तो मनपा अधिकारियों पर अवमानना की गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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