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Nagpur News: NMC स्टेशनरी घोटाला में गिरफ्तारी की जल्दबाजी, सुनवाई के दौरान अधिकारियों के बयानों में खुलासा

  • By navabharat
Updated On: Jan 15, 2024 | 02:20 AM
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नागपुर. मनपा में स्टेशनरी घोटाला उजागर होते ही आनन-फानन में न केवल ठेकेदार कंपनी बल्कि मनपा के कुछ अधिकारी और कर्मचारियों की भी गिरफ्तारियां हुईं किंतु अब अधिकारी और कर्मचारियों की गिरफ्तारी में पुलिस की ओर से जल्दबाजी होने का खुलासा मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों के बाद हो रहा है. हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार स्टेशनरी घोटाले पर निरंतर सुनवाई जारी है. अभियोजन पक्ष की ओर से स्वास्थ्य विभाग प्रमुख डॉ. संजय चिलकर, लेखा अधिकारी विजय कोल्हे और अन्य कर्मचारी से पूछताछ की गई. बचाव पक्ष के वकील द्वारा लिए गए बयान में चिलकर ने कहा कि यह मामला दर्ज होने के बाद ई-गवर्नेंस के पोर्टल पर उनका आईडी और पासवर्ड तैयार किया गया था. ऐसे में उनका आईडी और पासवर्ड का अन्य कर्मचारियों द्वारा उपयोग करने का सवाल ही नहीं उठता है. 

प्रभारी स्टोरकीपर ने दी थी जानकारी

बचाव पक्ष की पैरवी कर रहे अधि. प्रकाश नायडू की ओर से अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए गए. संजय चिलकर के बयान के अनुसार, उन्होंने तर्क दिया कि प्रभारी स्टोरकीपर बातुलकर ने सूचित किया था कि साकोडे परिवार (ठेकेदारों) ने महामारी कोरोना काल के दौरान लाखों रुपये के जाली बिल जमा किए थे और बिलों को भुनाने में सफल रहे थे. यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा जाली बिल एनएमसी के ई-गवर्नेंस पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किए गए थे. इसी प्रकार, विजय कोल्हे ने बताया कि ई-गवर्नेंस से सत्यापन के बाद पर्यवेक्षक बिलों को सत्यापित कर अनुमति देता था और इसे नकदीकरण के लिए लेखा परीक्षक को भेजता था. चिलकर ने बताया कि उसने कभी भी ई-गवर्नेंस आईडी का उपयोग नहीं किया. यहां तक कि उसे इसकी जानकारी तक नहीं है. वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कभी ई-गवर्नेंस के संदर्भ में जानकारी नहीं दी थी.

प्रत्यक्ष बिल के आधार पर कार्य

डॉ. चिलकर ने स्वीकार किया कि उनके द्वारा केवल प्रत्यक्ष बिल और फाइल के अनुसार ही कार्य किए गए हैं. उल्लेखनीय है कि ई-गवर्नेंस प्रणाली के संबंध में विवरण और लॉगिन आईडी और पासवर्ड के संबंध में कथित तौर पर स्टेशनरी घोटाला में साकोडे परिवार (एनएमसी के ठेकेदार) के सदस्यों के अलावा, लोअर डिवीजन क्लर्क, ऑडिटर, अकाउंटेंट आदि सहित एनएमसी के 11 अन्य कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने का हवाला देते हुए इन सभी पर मामला दर्ज किया गया था. साथ ही इनकी गिरफ्तारी की गई थी किंतु अब मामला ही पलट गया है. आरोपियों की ओर से अधिवक्ता प्रकाश नायडू, होमेश चौहान, मितेश बैस, सुरभि नायडू (गोडबोले) तथा राज्य सरकार की ओर से अधि. संगीता होगे ने पैरवी की.

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Published On: Jan 15, 2024 | 02:20 AM

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