

नागपुर संभाग के छह जिलों में कुल 2,55,603 स्नातक मतदाता पंजीकृत हैं।
संभाग में कुल 445 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
नागपुर जिले में सर्वाधिक 1,44,466 और गड़चिरोली में सबसे कम 13,608 मतदाता हैं।
कुल 14,197 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं।
80 वर्ष से अधिक आयु के 855 मतदाता हैं, जिनमें 721 नागपुर जिले के हैं।
बसपा ने स्पष्ट किया है कि वह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन नहीं दे रही है।
Nagpur Vidhan Parishad Chunav: नागपुर संभाग विधान परिषद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए संभाग के 6 जिलों में कुल 2,55,603 स्नातक मतदाताओं का पंजीयन हुआ है। इनमें 1,47,280 पुरुष, 1,08,301 महिलाएं और 22 अन्य मतदाता शामिल हैं।
इन मतदाताओं के लिए संभाग में कुल 445 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यह जानकारी चुनाव विभाग ने दी। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, नागपुर जिले में सर्वाधिक 1,44,466 मतदाता हैं। यहां 246 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इसके बाद चंद्रपुर में 32,262, गोंदिया में 22,176, वर्धा में 21,742 और भंडारा में 21,349 मतदाता हैं। गड़चिरोली जिले में सबसे कम 13,608 मतदाता पंजीकृत हैं। मतदाताओं की संख्या के अनुपात में जिलावार मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। चंद्रपुर में 58, वर्धा में 41, गोंदिया में 39, भंडारा में 35 और गड़चिरोली में 26 मतदान केंद्र हैं।
संभाग में कुल 14,197 दिव्यांग मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 8,933 पुरुष, 5,262 महिलाएं और 2 अन्य मतदाता शामिल हैं।
वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 855 है। इनमें 738 पुरुष और 117 महिलाएं हैं। इस आयु वर्ग के सर्वाधिक 721 मतदाता नागपुर जिले में हैं।
बहुजन समाज पार्टी ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी अभिजीत वंजारी को समर्थन नहीं दिए जाने का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रमों के प्रचार में बसपा द्वारा समर्थन दिए जाने की भ्रामक जानकारी उजागर की जा रही है जो सरासर गलत है।
पत्र के अनुसार बसपा ने स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस प्रत्याशी को कोई भी समर्थन नहीं दे रही है। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कांग्रेस पक्ष की ओर से साजिश के तहत भ्रम फैलाया जा रहा है जिससे यह भ्रम पैदा हो रहा है कि बसपा कांग्रेस का समर्थन कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाजजनों से अपील की है कि वे काग्रेस पार्टी से किसी भी प्रकार का संबंध न रखें और न ही उसके झांसे में आएं। पत्र में यह भी निर्देश दिया गया है कि पार्टी का कोई भी व्यक्ति कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार या समर्थन न करे।