मृत्युंजय दूत बनकर पहुंची मानकापुर पुलिस! क्लोरीन गैस लीक के खौफ के बीच 50+ जिंदगियां बचाईं, टला बड़ा हादसा

Godhani Gas Leak: गोधनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव के बाद मानकापुर पुलिस ने गोल्डन ऑवर में 50 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया, जिससे जनहानि टली।
Nagpur Godhani Chlorine Gas Leak
गोधनी क्लोरीन गैस रिसाव में मानकापुर पुलिस रेस्क्यूसोर्स- सोशल मीडिया
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Nagpur Godhani Chlorine Gas Leak: नागपुर गोधनी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में रविवार देर रात हुए क्लोरीन गैस के रिसाव से पूरा इलाका बाधित हो गया था। खबर मिलते ही मानकापुर पुलिस मृत्युंजय दूत बनकर परिसर में दाखिल हुई, आसपास के थानों से भी स्टाफ बुलाया गया।

पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) में ही पुलिस ने 50 से ज्यादा पीड़ितों को रेस्क्यू करके अस्पताल में दाखिल करवा दिया। इसमें स्थानीय नागरिकों ने भी काफी सहयोग किया।

गोधनी गैस रिसाव में पुलिस की तत्परता से टली जनहानि

समय रहने पीड़ितों के अस्पताल पहुंचने से कोई जनहानि नहीं हुई। लगभग 12।45 बजे के दौरान मानकापुर पुलिस को कंट्रोल रूम से कॉल मिला कि गोधनी के डब्ल्यूटीपी में गैस का रिसाव हुआ है।

गैस तेजी से परिसर में फैल रही है और स्थानीय नागरिक इसका शिकार हो रहे हैं। तत्काल मानकापुर थानेदार हरेश कालसेकर अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक पुलिस को भी अंदाजा नहीं था कि गैस इतने खतरनाक तरीके से लोगों को बाधित कर रही है। मास्क और रूमाल से मुंह ढंककर पुलिस परिसर में दाखिल हुई।

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अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया

पुलिस ने पूरे इलाके को क्वाडून ऑफ कर दिया। 200 वर्गमीटर के क्षेत्र में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। कालसेकर ने बताया कि सूचना मिलते ही डीसीपी अन्नपूर्णा सिंह और डीसीपी आदित्य मिरखेलकर भी मौके पर पहुंच गए थे।

उन्होंने प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ समन्वय किया। हर स्थिति को संभालने के लिए रॉयट कंट्रोल दस्ते को भी बुलाया गया। कालसेकर ने कहा कि पुलिस ने बिना समय गंवाए गोल्डन ऑवर में लोगों को राहत पहुंचाई और अस्पताल में दाखिल करा दिया।

गैस रिसाव की जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

ड्यूटी करके वापस लौटे दिन में तैनात स्टाफ को वापस बुलाया गया। आसपास के थानों से भी स्टाफ आने से स्थिति नियंत्रण में आई। इसके बाद हमारा काम केवल समन्वय का ही था। इस प्रकरण में कोई मामला दर्ज करने के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने प्रशासन को जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।

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