नागपुर: मानकापुर मर्डर मिस्ट्री में उलटफेर; जिस दामाद ने कबूला था कत्ल, CCTV फुटेज ने उसे बेगुनाह साबित किया

Nagpur Mankapur Murder Case: नागपुर के मानकापुर हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। हत्या की कथित कबूलनामे के आधार पर गिरफ्तार दामाद बेगुनाह निकला, जबकि CCTV जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।
Nagpur: Twist in Mankapur murder mystery; CCTV footage proves the son-in-law—who had confessed to the killing innocent.
नागपुर, मानकापुर हत्याकांड, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Mankapur Murder Case CCTV Evidence: नागपुर मानकापुर थानांतर्गत गोधनी रेलवे की जमील सोसाइटी में हुई मेहताब सिंह सोहनलाल चौधरी (43) की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच यूनिट-5 ने उनके दामाद गोधनी निवासी रोहित हरिप्रसाद गौतम (25) को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी ने हत्या की कबूली भी दी थी लेकिन जब मानकापुर पुलिस ने प्रकरण की जांच की तो हत्यारा कोई और निकला। ऐसे में दामाद बेकसूर होने के बावजूद हत्या का आरोपी बन गया और जेल की हवा खा रहा है।

हत्या केस में बड़ा खुलासा, दामाद नहीं निकला असली कातिल

पकड़ा गया असली आरोपी श्रीराम चौक, न्यू नरसाला निवासी सागर उपासराव कुंभरे (27) बताया गया। विगत 3 जुलाई की रात मेहताब अपने घर के सामने शेड के नीचे पलंग पर सो रहे थे। रात 1 बजे के दौरान अज्ञात आरोपी ने आंगन में रखी कुल्हाड़ी उठाकर उन पर सोते समय ही हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

मेहताब की अपने दामाद रोहित से नहीं बनती थी। इसका पता चलने पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। रोहित से कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसने हत्या की कबूली दी है कहकर आगे की जांच के लिए मानकापुर पुलिस के हवाले किया गया। मानकापुर पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जिससे यह स्पष्ट हो गया कि रोहित ने हत्या को अंजाम नहीं दिया है।

लाल सीट वाली साइकिल से खुला ब्लाइंड मर्डर का राज

पुलिस ने आसपास के परिसर में लगे 50 से 6 से 60 कैमरों की फुटेज निकालीं। चेहरा तो अस्पष्ट था लेकिन साइकिल की सीट लाल रंग की होने का पता चला। पुलिस ने परिसर में जांच कि तो एक घर के सामने साइकिल खड़ी दिखाई दी।

घटना के समय वहां सागर की मौजूदगी का पता बला। उसके मोबाइल का टावर लोकेशन भी गोधनी रेलवे परिसर में था। पुलिस दिन-रात उसके घर के सामने जाल बिछाए बैठी रही और आखिर वह हाथ लग गया। पूछताछ में सागर ने बताया कि मेहताब के घर के सामने शराब पीते समय उन्होंने उसे फटकार लगाई थी।

कबूलनामे पर सवाल, CCTV ने खोली असली हत्यारे की पोल

गालीगलौज करके वहां से भगाया था। इसके पहले भी मेहताब शराब पीने को लेकर गालीगलौज कर चुके थे। 3 जुलाई को भी उन्होंने उसके साथ गालीगलौज की। इससे बौखलाकर उसने मेहताब की हत्या की। पुलिस ने उससे कुल्हाड़ी और मेहताब के मोबाइल का कवर जब्त किया है।

न्यायालय ने सागर को 15 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानकापुर पुलिस न्यायालय में रोहित को दोष मुक्त करने की रिपोर्ट भी पेश करने वाली है। अब सवाल ये उठता है कि यदि रोहित ने हत्या की ही नहीं तो क्राइम ब्रांच ने उससे कबूली कैसे करवा ली, या फिर जल्दबाजी में बेकसूर रोहित को बलि का बकरा बना दिया गया।

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