FSSAI की रोक बेअसर, नागपुर में अब भी अखबार में परोसा जा रहा खाना; स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठे सवाल
Nagpur FSSAI Food Safety: एफएसएसएआई की रोक के बावजूद नागपुर के कई इलाकों में खाद्य पदार्थ अब भी अखबार में परोसे और पैक किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
एफएसएसएआई, अखबार में खाना, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य खतरा, नागपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Newspaper Food Packaging: नागपुर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा जारी किए गए ताजा सख्त निर्देश में खाद्य पदार्थों को अखबारों में पैक करने, लपेटने अथवा उन पर खाना परोसने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा गया है लेकिन नागपुर में प्राधिकरण का यह आदेश पूरी तरह हवा में उड़ता दिखाई दे रहा है। बता दें कि एफएसएसएआई ने मुंबई के एक नामी वड़ापाव वेंडर पर हुई संयुक्त कार्रवाई को आधार बनाकर देश भर के हितधारकों के लिए यह नया फरमान जारी किया है।
इसमें साफ चेतावनी दी गई है कि प्रिंटिंग स्याही में मौजूद सीसा (लेड) और हानिकारक भारी धातुएं गर्म खाने में मिलकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन रही हैं लेकिन उपराजधानी नागपुर की जमीनी हकीकत इस आदेश के बिल्कुल उलट है।
यहां के सीताबर्डी, इतवारी, सदर, महल, चिटनीस पार्क, मोमिनपुरा, यशोधरानगर, गांधीबाग, पारडी, कलमना, कॉटन मार्केट, संतरा मार्केट, रेलवे स्टेशन, एसटी बस स्टैंड, गीतांजलि चौक, मानेवाड़ा चौक, बेसा, मंगलवारी बाजार, कस्तूरचंद पार्क, प्रतापनगर से लेकर शहर के अनेक इलाकों में अब भी खुलेआम धड़ल्ले से न्यूज पेपर में खाद्य पदार्थ परोसा जा रहा है। सुबह और शाम के समय अनेक स्थानों पर न्यूज पेपर में ही नाश्ता रखकर ग्राहकों को बेचा जा रहा है लेकिन संबंधित विभागों को यह नजर नहीं आ रहा है।
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NMC और FDA सुस्त
विभिन्न इलाकों में सुबह की शुरुआत ही अखबार पर सजे गर्म समोसे, भजिया और तरी पोहे से होती है, एफएसएसएआई ने अपने नए निर्देश में खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 का हवाला देते हुए छोटे बड़े होटलों, स्ट्रीट वेंडरों और ढाबों को केवल स्वीकृत फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करने को कहा है लेकिन स्थानीय मनपा प्रशासन और खाद्य प्रशासन विभाग की सुस्ती के चलते शहर में इस नये आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है।
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अधिकारियों की इसी उदासीनता के कारण साल 2018 से लेकर अब तक के तमाम नियम केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गए हैं और जब तक प्रशासन धरातल पर उतरकर औचक निरीक्षण और कड़ा जुर्माना लगाने जैसी ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक नागपुर के नागरिको की सेहत इसी तरह अखबार के पन्नों के बीच रोजाना दांव पर लगती रहेगी।
अधिकारी का टालमटोल रवैया
इस संबंध में पूछने पर नागपुर एफडीए विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नागपुर में भी इस पर नियमित रूप से कार्रवाई की जाती रही है। अधिकारी का कहना है कि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह और बीमारियों को बढ़ावा देने वाली इस प्रथा को रोकने के लिए विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहती है और हर स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। हालांकि अधिकारी जवाब देने में टालमटोल भी करते रहे।
