कर्ज चुकाने से बचने के लिए रची 2 लाख की लूट की झूठी कहानी! पुलिस की सख्त पूछताछ में खुला राज

Nagpur Fake Robbery: नागपुर में कर्ज चुकाने के लिए युवक ने 2 लाख रुपये की लूट की झूठी कहानी रची। बयान में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने पूछताछ की तो सच सामने आया और उसी पर केस दर्ज हुआ।
Nagpur Fake Robbery Case
नागपुर में फर्जी लूटप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nagpur Fake Robbery Case: नागपुर जिले में कर्ज की रकम चुका नहीं पाने के कारण एक युवक ने 2 लाख रुपये की लूट की झूठी कहानी रच डाली। शिकायतकर्ता के बयान में लगातार विसंगति सामने आने के कारण पुलिस को शुरुआत से ही संदेह हो रहा था। कड़ी पूछताछ के बाद उसने सच्चाई बताई। पुलिस ने अब शिकायतकर्ता के खिलाफ ही मामला दर्ज किया है।

22 अगस्त 2026 को त्रिमूर्तिनगर निवासी अमोल संतोष धर्नेजा हुड़केश्वर थाने पहुंचा। उसने शिकायत में बताया कि पिरामिड सिटी परिसर से गुजरते समय 1 अज्ञात व्यक्ति ने उससे लिफ्ट मांगी। कुछ दूर जाने के बाद उस व्यक्ति ने चाकू दिखाकर मारपीट की और उसकी कार लेकर फरार हो गया, अमोल ने कार में करीब 2 लाख रुपये नकद होने की बात कही। बाद में कार एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के समीप मिल गई। अमोल ने बताया कि कार में रखे मोबाइल और अन्य सामान सुरक्षित हैं, जबकि नकद रकम गायब है।

बयान में विरोधाभास से पुलिस को शक

घटना की गंभीरता को देखते हुए हुडकेश्वर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। अमोल के बयान में कई विरोधाभास सामने आए। घटना से पहले उसकी गतिविधियों के संबंध में उसने अलग-अलग जानकारी दी।

पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, लोकेशन और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद अमोल से गहन पूछताछ की गई। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पाया कि कथित लूट की घटना वास्तव में हुई ही नहीं थी।

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2 लाख का कर्ज, अमोल ने रची फर्जी लूट की कहानी

अमोल ने त्रिमूर्तिनगर में 'बैठक कैफे' शुरू करने के लिए अपने मित्र आंबेडकर चौक निवासी अवतार सिंह महेंद्र सिंह धुन्ना (42) से करीब 2 लाख रुपये लिए थे। इस रकम को लौटाने के लिए उस पर लगातार दबाव था, पैसे लौटाने के संबंध में अमोल पहले भी झूठे आश्वासन दे चुका था। 22 अगस्त को रकम लौटाने का समय आने पर उसके पास पैसे नहीं थे।

ऐसे में उसने यह सोचकर फर्जी लूट की कहानी रची कि रकम लूट में चले जाने का दावा करने पर उसे पैसे लौटाने से कुछ समय के लिए राहत मिल जाएगी। हुडकेश्वर की थानेदार अनामिका मिर्जापुरे, एपीआई रामटेके, हेड कांस्टेबल मुकेश किन्नाके और रिषभ ठाकरे ने कार्रवाई की।

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