नागपुर में ‘100% बाल उगाने’ के नाम पर फर्जी मेडिकल का भंडाफोड़, प्रशासन ने बंद कराया कैंप
Nagpur Health Fraud News: नागपुर में 100% बाल उगाने के दावे वाले कथित अवैध मेडिकल शिविर का भंडाफोड़ हुआ। प्रशासन ने धरमपेठ में कार्रवाई कर शिविर बंद कराया और सामग्री जब्त की।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, फर्जी मेडिकल शिविर, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Fake Medical Camp: नागपुर में 100% बाल उगाने के आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जी और अवैध मेडिकल शिविर का भंडाफोड़ हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चिकित्सा आघाड़ी (मेडिकल सेल) की सतर्कता और त्वरित पहल के कारण सैकड़ों नागरिक वित्तीय धोखाधड़ी और स्वास्थ्य के बड़े खतरे से बच गए। प्रशासन ने धरमपेठ के सुगंध सभागार परिसर में चल रहे इस अवैध शिविर को तुरंत बंद करवाकर वहां मौजूद दवाइयों और अन्य साम्सी जब्त कर ली हैं।
सोशल मीडिया पर ‘सलमान भाई’ के नाम से था मशहूर
जांच में सामने आया है कि जालसाज सोशल मीडिया पर ‘सलमान भाई हेयर ट्रीटमेंट’ के नाम से इस फर्जीवाड़े का जमकर प्रचार कर रहे थे। ‘100% बाल उगाने की गारंटी’ का झांसा देकर देश के अलग-अलग राज्यों में इस तरह के शिविर आयोजित किए जा रहे थे। नागपुर के इस शिविर में भी ‘आयुर्वेदिक इलाज’ के नाम पर आम जनता से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
जाल में फंसे फर्जी डॉक्टर
इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लगते ही बीजेपी चिकित्सा आघाड़ी (नागपुर महानगर) के अध्यक्ष डॉ. विनोद दाडे, डॉ. प्रणय चांदेकर, डॉ. अजय सारंगपुरे और राकेश कोटमवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी तुरंत शासन और प्रशासन तक पहुंचाई।
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इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ओएसडी सुनील मित्रा, नागपुर महानगरपालिका की स्वास्थ्य समिति के उपसभापति श्रीकांत आगलावे और सभापति मनीषा अतकरे ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया, उन्होंने मनपा के स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल छापेमारी के निर्देश दिए।
पुलिस और मनपा की संयुक्त छापेमारी
मनपा के स्वास्थ्य अधिकारी और सीताबर्डी पुलिस स्टेशन के निरीक्षक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, संयुक्त जांच में पाया गया कि इस वीआईपी शिविर के लिए प्रशासन से कोई भी वैध अनुमति या लाइसेंस नहीं लिया गया था। मौके पर बड़े पैमाने पर वैश का लेन-देन भी पाया गया। ढोंगियों के खिलाफ बड़ा संदेश नागपुर में फर्जी डॉक्टरी और ढोंगी विकित्सा (भौदूगिरी) के खिलाफ इसे अब तक की सबसे बड़ी और सरक्ष कार्रवाई माना जा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों की इससे कड़ा संदेश मिला है।
