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Shaktipeeth Expressway: महाराष्ट्र के किन जिलों से होकर गुजरेगा रास्ता? जानें शक्तिपीठ महामार्ग का पूरा रूट

Shaktipeeth Expressway Explainer: महाराष्ट्र में शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। 856 किमी लंबा यह महामार्ग 13 जिलों को जोड़ते हुए यात्रा समय, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगा।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Apr 22, 2026 | 02:19 PM

शक्तिपीठ महामार्ग (कॉन्सेप्ट फोटो सोर्स: AI)

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Nagpur-Goa Shaktipeeth Mahamarg Route Map: महाराष्ट्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। समृद्धि महामार्ग की सफलता के बाद, महाराष्ट्र सरकार अब ‘शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे’ (Nagpur-Goa Expressway) पर तेज़ी से काम कर रही है। लगभग 856 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य के आध्यात्मिक और आर्थिक मानचित्र को भी पूरी तरह बदल देगा।

क्या है शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे?

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, जो नागपुर संभाग के वर्धा जिले के पवनार से शुरू होकर महाराष्ट्र के गोवा की सीमा पर सिंधुदुर्ग जिले के पात्रादेवी को जोड़ेगा। इसका नाम ‘शक्तिपीठ’ इसलिए रखा गया है क्योंकि यह मार्ग महाराष्ट्र के तीन प्रमुख शक्तिपीठों- महालक्ष्मी, तुलजा भवानी और रेणुका माता के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों को आपस में जोड़ता है। यह पूरी तरह से ‘एक्सेस-कंट्रोल्ड’ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा।

किन जिलों से होकर गुजरेगा शक्तिपीठ महामार्ग?

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे पहले 12 जिलों से होकर गुजरने वाला था। लेकिन किसानों के तीव्र विरोध के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल 2026 में इस महामार्ग में कुछ बदलाव किए हैं। इस महामार्ग के पहली बार सातारा जिले को भी जोड़ा गया है। सरकार द्वारा स्वीकृत संशोधित रूट (Revised Alignment) के अनुसार, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे अब 13 जिलों से होकर गुजरेगा।

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  • नागपुर/वर्धा: यहां से यात्रा शुरू होगी।
  • यवतमाल, हिंगोली और नांदेड़: विदर्भ और मराठवाड़ा के प्रमुख क्षेत्र।
  • परभणी, बीड, लातूर और धाराशिव: मराठवाड़ा का हृदय।
  • सोलापुर और सांगली: पश्चिम महाराष्ट्र के औद्योगिक और कृषि केंद्र।
  • सतारा: हाल ही में संशोधित रूट में माण और खटाव तालुकों को शामिल किया गया है।
  • कोल्हापुर: दक्षिण महाराष्ट्र का प्रमुख केंद्र।
  • सिंधुदुर्ग: कोंकण का प्रवेश द्वार, जहां गोवा सीमा के पास यह समाप्त होगा।

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के प्रमुख फायदे

  • यात्रा समय में भारी कमी: वर्तमान में नागपुर से गोवा जाने में 18 से 21 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर मात्र 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
  • आर्थिक और औद्योगिक विकास: यह एक्सप्रेसवे पिछड़े क्षेत्रों (मराठवाड़ा और विदर्भ) को सीधे बंदरगाहों (कोंकण) से जोड़ेगा। इससे कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और मार्ग में नए ‘लॉजिस्टिक्स हब’ और ‘औद्योगिक गलियारे’ विकसित होंगे।
  • पर्यटन को बढ़ावा: कोंकण के समुद्र तटों और महाराष्ट्र के धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
  • ईंधन और लागत की बचत: बेहतर सड़क और कम दूरी के कारण वाहनों के ईंधन की खपत कम होगी और लॉजिस्टिक्स की लागत में गिरावट आएगी, जिससे व्यापार सुगम होगा।

यह भी पढ़ें:- शक्तिपीठ महामार्ग पर बड़ा अपडेट: 150 गांवों में सर्वे पूरा, जानें कब शुरू होगा जमीन अधिग्रहण

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे (Shaktipeeth Expressway) की अनुमानित लागत लगभग 1 लाख करोड़ रुपए है। हालांकि, कोल्हापुर और सांगली जैसे कुछ जिलों में उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध भी सामने आया है, जिसके कारण महाराष्ट्र सरकार ने रूट में कई बदलाव (Realignment) किए हैं ताकि कम से कम कृषि भूमि प्रभावित हो। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

💡

Frequently Asked Questions

  • Que: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना क्या है?

    Ans: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे 802 किलोमीटर लंबा है। इसे नागपुर और गोवा के बीच यात्रा के समय को 18 घंटे से घटाकर 8 घंटे करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक्सप्रेसवे शक्तिपीठों के नाम से प्रसिद्ध प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  • Que: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे का नया रूट कौन सा है?

    Ans: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे की स्वीकृत लंबाई 856 किलोमीटर है, यह छह लेन वाला एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे है, जो महाराष्ट्र के तीसरे सबसे बड़े शहर नागपुर को गोवा राज्य से जोड़ेगा। यह वर्धा के पवनार से शुरू होकर सिंधुदुर्ग के पात्रादेवी तक जाएगा। नए रूट में सातारा जिले को जोड़ा गया है।

  • Que: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे कितने जिलों से होकर जाएगा ?

    Ans: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे पहले महाराष्ट्र के 12 जिलों से होकर गुजरने वाला था, लेकिन रूट में संशोधन के बाद अब ये 13 जिलों से होकर गुजरेगा।

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Published On: Apr 22, 2026 | 02:19 PM

Topics:  

  • Maharashtra Government
  • Maharashtra News
  • Shaktipeeth Expressway
  • Shaktipeeth Mahamarg

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