शक्तिपीठ महामार्ग का नया रूट मैप जारी: 95% बदल गया रास्ता, जानें आपके जिले और गांव से गुजरेगा या नहीं

Shaktipeeth Expressway New Route: महाराष्ट्र सरकार ने विरोध के बाद शक्तिपीठ महामार्ग के नक्शे में बड़ा बदलाव किया है। अब 802 के बजाय 857 किमी लंबा होगा रूट, कई नए गांव शामिल। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
Shaktipeeth Mahamarg New Route Map
शक्तिपीठ महामार्ग का रूट बदला (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kolhapur News: महाराष्ट्र की सबसे महत्वाकांक्षी और चर्चित परियोजनाओं में से एक 'शक्तिपीठ महामार्ग' को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। किसानों के तीव्र विरोध और भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं को देखते हुए सरकार ने इस एक्सप्रेसवे के संशोधित डिजाइन (Revised Layout) को मंजूरी दे दी है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के रूट में अब बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसका सीधा असर कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के जिलों पर पड़ेगा।

क्या हुए हैं बड़े बदलाव?

पुराने नक्शे के अनुसार, शक्तिपीठ महामार्ग वर्धा के पवनार से गोवा सीमा पर पत्रादेवी तक प्रस्तावित था। लेकिन नए रूट के अनुसार, अब यह वर्धा के दिग्रज से शुरू होकर सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी (बांदा) तक जाएगा। इस बदलाव के कारण एक्सप्रेसवे की लंबाई अब 802 किमी से बढ़कर 856.765 किमी हो गई है।

सिंधुदुर्ग में बदला गांवों का गणित

शक्तिपीठ महामार्ग में सबसे बड़ा फेरबदल सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी और दोडामार्ग तालुका में देखा गया है। पहले सावंतवाड़ी के 10 गांव जैसे अंबोली, गेले, फणसवडे आदि शामिल थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है।

  • नए शामिल गांव: केगद (चौकुल), डेगवे, बांदा, पडवे माजगांव।
  • दोडामार्ग का प्रवेश: अब यह मार्ग दोडामार्ग तालुका के कुंभवडे, भेकुर्ली, कोलझर, तलकट और झोलंबे से होकर गुजरेगा।

कोल्हापुर को लगा झटका, सतारा की एंट्री

संशोधित प्लान में कोल्हापुर जिले के कागल, शिरोल और हातकणंगले जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बाहर कर दिया गया है। अब यह मार्ग आजरा-चंदगड-दोडामार्ग के रास्ते बांदा से जुड़ेगा। इसके अलावा, नए रूट में सतारा जिले को पहली बार शामिल किया गया है। वर्धा, यवतमाल, बीड और लातूर का रूट यथावत रखा गया है, जबकि नांदेड़, हिंगोली, परभणी, धाराशिव, सोलापुर, सांगली और सिंधुदुर्ग के रूट में आंशिक या पूर्ण बदलाव किए गए हैं।

पर्यटन को पंख, लेकिन पर्यावरण की चिंता

यह महामार्ग राज्य के 13 जिलों और 40 तहसीलों को जोड़ेगा, जिसमें 21 महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल (शक्तिपीठ) शामिल हैं। इससे नागपुर से गोवा की दूरी महज 8 घंटे में तय की जा सकेगी। हालांकि, नया रूट 'इको-सेंसिटिव जोन' (तलकट पंचक्रोशी) से गुजरने के कारण पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है। घने जंगलों और जैव-विविधता वाले क्षेत्रों से सड़क निकलने पर वन्यजीवों को खतरा हो सकता है।

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