नागपुर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: मैसूर में छापा, करोड़ों के हाथी दांत बरामद; 3 गिरफ्तार
Nagpur DRI Ivory Seizure: नागपुर डीआरआई टीम ने मैसूर में छापेमारी कर करोड़ों रुपये मूल्य के 3 हाथी दांत बरामद किए। मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
मैसूर छापेमारी, हाथी दांत जब्ती, डीआरआई कार्रवाई,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Mysuru Raid: नागपुर स्थित डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाटक के मैसूर में छापेमारी कर करोड़ों रुपये मूल्य के हाथी दांत बरामद किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। बरामद हाथी दांतों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को वन्यजीव अपराध और अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
नागपुर डीआरआई टीम को कुछ दिनों पहले गुप्त सूचना मिली थी कि कर्नाटक के मैसूर शहर के एक घर में अवैध रूप से हाथी दांत छिपाकर रखे गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीआरआई अधिकारियों ने विशेष रणनीति तैयार की और मंगलवार को टीम मैसूर के लिए रवाना हुई।
डीआरआई छापे में 3 हाथी दांत बरामद, तीन गिरफ्तार
बताया जा रहा है कि डीआरआई की टीम सीधे संदिग्ध आवास पर पहुंची और वहां तलाशी अभियान शुरू किया। विस्तृत छानबीन के दौरान घर से तीन हाथी दांत बरामद किए गए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से इन हाथी दांतों के संबंध में पूछताछ की, लेकिन वे कोई संतोषजनक या वैध जवाब नहीं दे सके।
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प्राथमिक जांच के आधार पर डीआरआई ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हाथी दांत कहां से लाए गए थे, इनके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था और क्या इस मामले के तार किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े हैं।
हाथी दांत तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, ग्राहक तलाशते पकड़े गए
आरोपी काफी समय से इन हाथी दांतों को बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में थे। बताया जा रहा है कि वे अलग-अलग माध्यमों से खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अत्यधिक कीमत होने के कारण उन्हें ग्राहक नहीं मिल पा रहे थे। इसी बीच मामले की सूचना एजेंसियों तक पहुंच गई और कार्रवाई से पहले ही उनका नेटवर्क उजागर हो गया।
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वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथी दांतों की तस्करी वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत गंभीर अपराध मानी जाती है। हाथियों का अवैध शिकार और उनके दांतों की तस्करी जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाथी दांत के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं।
हालांकि डीआरआई की ओर से अभी तक आरोपियों की पहचान और बरामद हाथी दांतों के वास्तविक मूल्य को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। एजेंसी मामले की गहन जांच में जुटी है और जल्द ही अन्य खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
