डीजे बैन पर मचा बवाल, लेकिन महाराष्ट्र में ढोल-ताशा पथकों की ताबड़तोड़ बुकिंग से चमका यह गणेशोत्सव

Maharashtra DJ Ban Ganesh Festival: महाराष्ट्र में डीजे पर प्रतिबंध के बीच पारंपरिक ढोल-ताशा पथकों की मांग में भारी उछाल आया है। इस गणेशोत्सव में कलाकारों और ढोल-ताशा पथकों के सभी शोज फुल हो चुके हैं।
Maharashtra Dhol Tasha Pathak Ganeshotsav
ढोल-ताशा बजा रहे लोगप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
Published on: 
Updated on: 

Maharashtra Dhol Tasha Pathak Ganeshotsav: महाराष्ट्र में डीजे पर लगे प्रतिबंध को लेकर भले ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हों लेकिन ढोल-ताशा पथकों के लिए यह त्योहार का मौसम पिछले कई वर्षों में सबसे व्यस्त साबित हो रहा है। गणेश मंडलों द्वारा विकल्पों की तलाश के बीच पारंपरिक वाद्य समूहों की मांग में भारी उछाल आया है।

उत्सव के पूरे 10 दिनों के लिए कई पथकों के कैलेंडर पूरी तरह पैक हो चुके हैं। वर्ष 2011 से शहर में सक्रिय 'शिवप्रताप ढोल-ताशा पथक' के संस्थापक किशोर डिकोंडावार ने बताया कि हमारा शेड्यूल पूरे 10 दिनों के लिए बुक हो चुका है। इस गणेशोत्सव में हमारे 16 शो तय हैं और हम हर दिन प्रस्तुति देंगे। पिछले साल हमें 8 से 10 शो ही मिले थे लेकिन इस बार डीजे का विकल्प न होने से मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

विकल्प नहीं पहली पसंद बने ढोल-ताशा

वर्धा जिले के दैवत ढोल-ताशा पथक के राहुल उके का कहना है कि ढोल-ताशा को केवल डीजे के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, यह महाराष्ट्र की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है जो गणेश विसर्जन और आगमन जुलूसों में एक अनुशासित और भव्य माहौल बनाती है।

युवा तेजी से ढोल-ताशा की ओर आकर्षित हो रहे है। यह बिना किसी शोर-शराबे या उपद्रव के लोगों को एकजुट करता है। इस बार आगमन और विसर्जन दोनों के लिए अलग-अलग बुकिंग मिल रही हैं।

Maharashtra Dhol Tasha Pathak Ganeshotsav
नागपुर के मेयो अस्पताल में BP की दवा टेल्मिसेव-40 फेल, घटिया गुणवत्ता मिलने पर बिक्री पर लगी रोक

जनप्रतिनिधियों का समर्थन

नागपुर जिले के संदीप जोशी डीजे बैन के समर्थन में कई पहल कर रहे है। मूक मोर्चा से लेकर विभिन्न अधिकारियों से मिलकर भी चैन को प्रभावी बनाने के लिए जुटे हुए हैं, जोशी का कहना है कि डीजे के आने से बहुत पहले से गणेशोत्सव इसी उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता रहा है, ढोल-ताशा हमेशा से इस उत्सव का अभिन्न अंग रहे हैं।