Nagpur News: सावनेर में पोटा और चनकापुर को मिली अलग ग्राम पंचायत, सालों पुरानी मांग हुई पूरी

Nagpur Gramin News: नागपुर जिले के सावनेर तहसील के अंतर्गत आने वाले पोटा और चनकापुर अलग पंचायत का दर्जा मिल गया है। इसके संबंध में महाराष्ट्र सरकार ने आदेश जारी किया है।
Nagpur Savner Pota and Chankapur got separate Gram Panchayat
पोटा ग्राम पंचायत भवन (फोटो नवभारत)
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Nagpur News: नागपुर जिले के सावनेर तहसील के अंतर्गत आने वाले पोटा और चनकापुर, जो वर्षों से एक ही ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित हो रहे थे, अब स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। यह फैसला 8 अगस्त 2025 को महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद संभव हुआ। इस निर्णय के पीछे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग, पंचायत का प्रस्ताव, विभागीय स्तर पर हुई सिफारिशें और अंततः भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला महामंत्री विलास महल्ले द्वारा दायर हाईकोर्ट याचिका का बड़ा योगदान रहा।

पोटा-चनकापुर ग्राम पंचायत का भौगोलिक क्षेत्र अत्यधिक बड़ा होने के कारण बुनियादी सुविधाओं के विकास में असमानता और देरी हो रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत का क्षेत्र बहुत फैलाव में होने से एक हिस्से की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा पाता, जिसके चलते सड़क, पानी, सफाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं प्रभावित होती थीं।

कई वर्षों से ग्रामीण अलग-अलग ग्राम पंचायत की मांग उठा रहे थे, लेकिन इस पर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 28 जुलाई 2023 को आयोजित ग्रामसभा में पोटा और चनकापुर को अलग-अलग ग्राम पंचायत में विभाजित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

ग्रामविकास विभाग को भेजी थी सिफारिश

इस प्रस्ताव को 18 जनवरी 2024 को नागपुर जिला परिषद की स्थायी समिति ने मंजूरी दी और आगे की प्रक्रिया के लिए विभागीय आयुक्त के पास भेज दिया गया। 6 मार्च 2025 को विभागीय आयुक्त डॉ. माधुरी खोड़े-चवरे ने दोनों गांवों को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देने की सिफारिश ग्रामविकास विभाग को भेजी। लेकिन यह प्रस्ताव पांच महीने तक मंत्रालय में अटका रहा।

इस दौरान ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द आदेश जारी होगा, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। स्थिति में कोई सुधार न होता देख भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला महामंत्री महल्ले ने पहले मंत्रालय में अपील की, लेकिन जब वहां से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो उन्होंने नागपुर खंडपीठ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 28 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

लगातार दबाव और न्यायालय की निगरानी के चलते 8 अगस्त 2025 को महाराष्ट्र सरकार ने पोटा और चनकापुर को स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। आदेश मिलते ही दोनों गांवों के ग्रामीणों में हर्षोल्लास का माहौल बन गया।

ग्रामीणों में खुशी और विकास की उम्मीदें

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने-अपने गांव की जरूरतों और समस्याओं पर अलग से ध्यान दे सकेगी। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर होगी। विशेष रूप से सड़क, पेयजल, कृषि सिंचाई और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

दोनों पंचायतें मिलकर विकास को गति दें: विलास महल्ले

निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए विलास महल्ले ने कहा कि यह ग्रामीणों की जीत है। वर्षों से उपेक्षित विकास कार्य अब प्राथमिकता से होंगे। मैंने सिर्फ ग्रामीणों की आवाज को अदालत तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने आगे कहा कि अब समय है कि दोनों पंचायतें मिलकर योजनाबद्ध तरीके से विकास को गति दें।

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