नागपुर में फ्लैट के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी: महानुभावपंथी भिक्षुकों से 51.39 लाख की ठगी, 3 आरोपियों पर मामला दर्ज
Nagpur Fraud Case: नागपुर के राणा प्रतापनगर में महानुभावपंथी भिक्षुकों को फ्लैट बेचने के नाम पर 51.39 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने महिला सहित 3 लोगों पर केस दर्ज किया है।
- Written By: रूपम सिंह
मुंबई इंश्योरेंस फ्रॉड केस (सोर्स-सोशल मीडिया) फाइल फोटो
Nagpur Rana Pratap Nagar Fraud Case: महानुभावपंथी भिक्षुकों को फ्लैट बेचने का झांसा देकर 51.39 लाख की ठगी करने वाली महिला सहित 3 आरोपियों के खिलाफ राणा प्रतापनगर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
गुरुदेवनगर निवासी देवमुनी सुखदेवमुनी नांदेडकर (33) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। आरोपियों में अनुष्का अपार्टमेंट, दीनदयालनगर निवासी अमोघ संदीपराव कपाटे (25), श्रद्धा बिडकर उर्फ क्षीरसागर (27) और संदीपराव कपाटे (49) का समावेश है।
नांदेडकर महानुभावपंथी भिक्षुक हैं। पंथ के बड़े साधु-संतों का नागपुर आना-जाना होता है, इसीलिए नांदेडकर सहित उनके 6 मित्र भिक्षुकों ने नागपुर शहर के बीच एक फ्लैट खरीदने का निर्णय लिया। अमोघ, श्रद्धा और संदीपराव फाइनेंस सर्विसेस का काम करते हैं। अमोघ से पीड़ितों की पुरानी पहचान थी, इसीलिए उससे फ्लैट खरीदने के बारे में बातचीत हुई।
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8.50 लाख का चेक बाउंस
आरोपियों ने उन्हें अपना ही फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध होने की जानकारी दी। सभी ने अनुष्का अपार्टमेंट का 903 नंबर का फ्लैट देखा और पसंद भी आ गया। जून 2025 में 1.80 करोड़ रुपये में फ्लैट का सौदा हुआ। पूरी रकम अदा करने पर आरोपियों ने फ्लैट की सेलडीड करवाने का वादा किया। जून से दिसंबर 2025 तक आरोपियों ने पीड़ितों से 51.39 लाख रुपये लिए जनवरी में बाकी रकम देकर रजिस्ट्री करने का तय हुआ।
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आरोपियों ने आपसी मिलीभगत करके पीड़ितों द्वारा अदा की गई राशि का उपयोग करके पलैट के असली मालिक निखिल जवंजाल से अमोघ के नाम पर फ्लैट खरीद लिया। इसके बाद रजिस्ट्री कराने के लिए टालमटोल करने लगे। दुय्यम निबंधक कार्यालय में जांच-पड़ताल करने पर आरोपियों की धोखाधड़ी सामने आई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, 8.50 लाख रुपये का एक चेक भी दिया लेकिन वह बाउंस हो गया।
