एनसीपी ने शामिल कांग्रेस नेता (सौजन्य-नवभारत)
Nikay Chunav: नगर परिषद कामठी के होने वाले आम चुनाव-2025 में कांग्रेस की टिकट से नगराध्यक्ष और नगरसेवक का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार की संख्या सबसे अधिक थी। नगराध्यक्ष पद के लिए ही 13 से अधिक इच्छुक कांग्रेसियों के द्वारा आवेदन नगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय में सौंपे गए थे। ऐसी स्थिति में किसी एक उम्मीदवार को तय करना था। अन्य बगावत पर उतारू ना हो जाए इसका भी ध्यान रखना जरूरी था।
बगावत को बल न मिले और बागियों पर अंकुश लग सके इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए अंतिम समय पर टिकट का वितरण किए जाने का परिदृश्य कांग्रेस खेमे में नजर आ रहा था। किंतु नामांकन भरने के अंतिम दो दिन पूर्व ही शनिवार की रात्रि कामठी कांग्रेस के कद्दावर नेता व कामठी नगर परिषद के पूर्व नगराध्यक्ष मो. शाहजहां अंसारी ने कांग्रेस से टिकट मिलने को लेकर चल रही अनिश्चितता व नगरसेवक पद के टिकट वितरण को लेकर वैचारिक मतभेद के चलते कांग्रेस का हाथ छोड़ अजित पवार की राष्ट्रवादी पार्टी की घड़ी थाम ली।
शनिवार की रात्रि 11.30 बजे के बाद सोशल मीडिया पर एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल की मौजूदगी में शाहजहां अंसारी के अपने समर्थकों के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस में शामिल होने के फोटो और वीडियों के वायरल होने से कांग्रेस खेमे में खलबली मच गई। इसके साथ ही शाहजहां अंसारी ने नगर परिषद का चुनाव घड़ी निशान से लड़ने की मंशा भी जताई है।
अंसारी के द्वारा ऐन नगर परिषद चुनाव से पहले बगावत का बिगुल फूकने से कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसी आशंका भी बनी हुई है कि अभी और कई कांग्रेसी कार्यकर्ता शाहजहां की राह पकड़ सकते है। इसी कड़ी में मौदा से भी एक बड़ी खबर सामने आई।
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कांग्रेस के प्रसन्ना राजा तिड़के ने राजस्व मंत्री व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले एवं पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर की मौजूदगी में भाजपा में प्रवेश कर लिया। यह कांग्रेस के लिए एक बाद दूसरा बड़ा झटका रहा। ऐसे में नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव से पूर्व ही कांग्रेस बिखरती नजर आ रही है। जिसका आगामी होने वाले चुनावों में क्या असर होगा यह देखने लायक होगा।
नप का चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है चुनावी सरगर्मीयां उतनी ही बढ़ती जा रही है। सोमवार नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन होने से अभी और भी कुछ खेला होने की संभावना राजनीतिक पंडितों के द्वारा व्यक्त की जा रही है। वैसे सोमवार को सभी राजनीतिक दलों के नगराध्यक्ष व नगरसेवक पद के प्रत्याशियों के द्वारा नामांकन दाखिल किए जाएंगे। जिससे अब चुनावी बिगुल जोरशोर से बजने के आसार है। वहीं पार्टी टिकट को लेकर चल रही गहमागहमी का दौर भी अब समाप्त हो जाएगा।