

Nagpur Metro Pillar Accident Traffic Jam: सोमवार का दिन नागपुर के लिए हादसों से भरा रहा। गाेधनी में क्लोरीन गैस लीक से कई लोगों अस्पताल पहुंच गए। वहीं दूसरी ओर सड़क पर वाहनों ने भी अपना नियंत्रण खो दिया। जिससे दो बड़े हादसे हो गए। एक जगह बस के ब्रेक फेल होने से वह डिवाडर पर चढ़ गई। वहीं एक ट्रक मेट्रो के पिलर से टकरा गया।
नागपुर जिले के गोधनी स्थित 'महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण' (एमजेपी) के जल संशोधन केंद्र में हुए क्लोरीन गैस रिसाव मामले में जिला प्रशासन ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने सोमवार को दुर्घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और 900 किलोग्राम वजन वाले भारी क्लोरीन सिलेंडर को पूरी तरह सील बंद कमरे के बजाय खुले में रखे जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जिलाधिकारी ने बताया कि 6 सदस्यीय जांच समिति 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिससे रिसाव के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जा सके। जिलाधिकारी के अनुसार यह हादसा मध्य रात्रि लगभग 12।10 बजे हुआ। जल शोधन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 900 किलो के 2 सिलेंडरों में से एक रिजर्व सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हुआ। रिसाव का कारण कोई तकनीकी खराबी या सिलेंडर में जंग लगना हो सकता है जिसकी पुष्टि जांच समिति करेगी।
सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे मॉरिस कॉलेज चौक पर भोसला मिलिट्री स्कूल की एक बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और सड़क के दूसरी ओर जा पहुंची। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बस चालक के अनुसार, चलते समय अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए।
स्थिति को भांपते हुए उसने बस को डिवाइडर की ओर मोड़ दिया, ताकि बस को नियंत्रित किया जा सके और सड़क पर मौजूद लोगों की जान बचाई जा सके। चालक की सूझबूझ के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के बाद संबंधित अधिकारियों ने घटना की जानकारी जुटाते हुए बस की तकनीकी स्थिति की जांच शुरू कर दी है।
नागपुर कस्तूरचंद मेट्रो स्टेशन के नीचे स्थित एक पिलर से बड़े वाहनों के टकराने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह एक बार फिर एक लोडेड ट्रक ने इसी पिलर को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद ट्रक को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी इसी पिलर से एक बड़ा कंटेनर टकरा गया था। उस घटना के बाद भी कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ था। लगातार एक ही पिलर से बड़े वाहनों के टकराने को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा है। लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि बड़े वाहनों को मेट्रो के इस पिलर से जैसे 'मोहब्बत' हो गई है, जिसके चलते आए दिन वाहन यहां टकरा रहे हैं।
हालांकि लगातार हो रही इन घटनाओं को लेकर जानकारों ने गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि एक ही पिलर से बार-बार भारी वाहनों के टकराने से उसकी संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है। इसलिए संबंधित एजेंसियों को पिलर की तत्काल तकनीकी जांच करानी चाहिए। साथ ही बड़े वाहनों को पिलर से दूर रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय और यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की जरूरत है।