नागपुर की बेटी का देश में बढ़ा मान! शतरंज स्टार दिव्या देशमुख को अर्जुन अवॉर्ड

Divya Deshmukh Arjuna Award: नागपुर की शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख को नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स-2025 में अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। 5 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर कई बड़ी उपलब्धियों से भरा है।
Divya Deshmukh receives Arjuna Award; makes history in chess
दिव्या देशमुख को अर्जुन अवॉर्ड, शतरंज में रचा इतिहाससोर्स- सोशल मीडिया
Updated on

Divya Deshmukh Chess Arjuna Award: नागपुर की दिव्या जितेंद्र देशमुख की कहानी सिर्फ शतरंज की बिसात पर जीती गई बाजियों की कहानी नहीं है, बल्कि छोटी उम्र से शुरू हुए उस सफर की कहानी है, जिसमें हर जीत के साथ लक्ष्य और बड़ा होता गया। महज 5 साल की उम्र में शतरंज से जुड़ी दिव्या ने देखते ही देखते राष्ट्रीय स्तर से लेकर विश्व मंच तक अपनी पहचान बनाई और अब देश के प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने जा रही हैं।

9 दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने बचपन में शतरंज को सिर्फ खेल के तौर पर शुरू किया था, लेकिन जल्द ही उनकी प्रतिभा ने उन्हें प्रतियोगिताओं तक पहुंचा दिया। 2013 में उन्होंने नेशनल अंडर-9 चैंपियनशिप जीती। खास बात यह रही कि इस खिताब तक पहुंचने के रास्ते में शुरुआती हार भी आई, लेकिन दिव्या ने वापसी करते हुए 11 में से 9.5 अंक जुटाए और खिताब अपने नाम किया।

इसके बाद छोटी उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी जीत का सिलसिला शुरू हुआ। 2014 में उन्होंने वर्ल्ड यूथ अंडर-10 गर्ल्स चैंपियनशिप जीती और 2015 में भी विश्व युवा अंडर-10 का स्वर्ण हासिल किया। इसके अलावा एशियाई और कॉमनवेल्थ आयु-वर्ग की प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने कई स्वर्ण पदक जीते। 2017 में वर्ल्ड कैडेट अंडर-12 का खिताब और 2017, 2018 तथा 2019 में कॉमनवेल्थ की अलग-अलग आयु-वर्ग स्पर्धाओं में स्वर्ण उनकी शुरुआती सफलता का हिस्सा रहे।

महामारी में भी नहीं रुका सफर

2020 में दिव्या भारतीय टीम का हिस्सा रहीं, जिसने फिडे ऑनलाइन चेस ओलंपियाड में स्वर्ण जीता। 2021 में उन्होंने अंतिम डब्ल्यूजीएम नॉर्म हासिल कर भारत की 22वीं महिला ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया और इसी दौरान दूसरा आईएम नॉर्म भी हासिल किया।

2022 में 16 वर्ष की उम्र में दिव्या ने नेशनल विमेंस चेस चैंपियनशिप जीती। 2023 में उन्होंने खिताब का बचाव किया। इसी वर्ष अल्माटी में एशियन कॉन्टिनेंटल विमेंस चैंपियनशिप में 7.5/9 अंक के साथ स्वर्ण जीता। टाटा स्टील चेस इंडिया विमेंस रैपिड का खिताब भी अपने नाम किया।

Divya Deshmukh receives Arjuna Award; makes history in chess
जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में अमीषा, प्राची और हार्दिक ने जीते रजत पदक, 9 भारतीय स्वर्ण पदक की दौड़ में

2024-25 बना टर्निंग पॉइंट

2024 में दिव्या ने फिडे वर्ल्ड जूनियर गलर्स चैम्पियनशिप में 10/11 अंक के साथ स्वर्ण जीता, इसके बाद बुडापेस्ट ओलम्पियाड में भारतीय महिला टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 9.5 अंक बनाए और बोर्ड-3 का व्यक्तिगत स्वर्ण भी जीता।

जुलाई 2025 में बातुमि में हुए फिडे महिला विश्वकप के फाइनल में दिव्या ने कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक में 1.5-0.5 से हराकर विश्व खिताब जीता, वह महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और इसी उपलब्धि के साथ ग्रैंडमास्टर बनीं।

नागपुर की दूसरी महिला अर्जुन अवॉर्डी

नागपुर की कबड्डी खिलाड़ी नीता दलवे 1996 में पहली महिला अर्जुन अवोंडर्डी बनी थी। इसके बाद विजय मुनिश्वर, जोगिंदर सिंह बेदी और ओजस देवतले को भी यह सम्मान मिला। दिव्या नागपुर की 5वीं अर्जुन अवॉडी और दूसरी महिला अर्जुन अवॉर्डी बनने जा रही है।

'बेटी देश का नाम आगे बढ़ा रही, यही सबसे बड़ी खुशी'

दिव्या के पिता डॉ. जितेंद्र देशमुख ने कहा कि बेटी देश का नाम आगे बढ़ा रही है, इसकी सबसे परिवार ज्यादा खुशी है। अर्जुन अवॉर्ड मिलना पूरे के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि विश्व में दिव्या की पहचान नागपुर की बेटी के रूप में है, यह उनके लिए सबसे बड़ी बात है। दिव्या फिलहाल अमेरिका में खेल रही हैं, इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट

Navbharat Live
navbharatlive.com