नागपुर सीमेंट रोड घोटाला मामला: HC का सख्त आदेश, याचिकाकर्ता संस्था जनमंच को मिली NMC ऑडिट देखने की अनुमति
Nagpur Cement Roads: नागपुर की सीमेंट सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं। अदालत ने 'जनमंच' को मनपा के रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट के निरीक्षण की अनुमति दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर सीमेंट रोड, (सोर्स सोशल मीडिया)
Nagpur Cement Roads PIL High Court: नागपुर शहर के सीमेंट रोड की दुर्दशा और इससे होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर ‘जनमंच’ की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश उर्मिला जोशी-फालके और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने शहर में सीमेंट कंक्रीट सड़कों के निर्माण और गुणवत्ता की जांच पर अहम आदेश जारी किए।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता संस्था ‘जनमंच’ को महानगर पालिका के रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट का निरीक्षण करने की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में सुझाव दिया था कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच के लिए स्वतंत्र और निजी व्यक्तियों को नियुक्त किया जाना चाहिए, ताकि बिना किसी पूर्वाग्रह के निष्पक्ष ऑडिट हो सके।
मनपा का गुणवत्ता का दावा
महानगर पालिका ने 23 जुलाई 2026 को एक हलफनामा दायर कर अदालत को बताया था कि नगर विकास विभाग के 28 मार्च 2018 के सरकारी प्रस्ताव के तहत गुणवत्ता नियंत्रण और ऑडिटिंग प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है। मनपा के अनुसार शहर की सड़कों के लिए सीमेंट कंक्रीट पेवमेंट के निर्माण की योजना 2011 में बनी थी और जून 2011 में इसका वर्क आर्डर कार्यकारी एजेंसी को दे दिया गया था।
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मनपा ने अदालत में स्वीकार किया कि चरण-1 के टेंडर दस्तावेजों में थर्ड-पार्टी ऑडिट को अनिवार्य करने वाला कोई विशेष प्रावधान या अलग क्लॉज नहीं था। हालांकि मनपा ने बताया कि अनुबंध के ‘क्लॉज A।10’ के तहत कडे गुणवत्ता नियंत्रण उपाय लागू किए गए थे।
थर्ड पार्टी लैब परीक्षण था अनिवार्य
मनपा ने हलफनामा में माना कि नियम के अनुसार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली 10% निर्माण सामग्री का एनएबीएल (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र थर्ड पार्टी लैब में परीक्षण अनिवार्य था।
मनपा के अनुसार इसी प्रक्रिया से प्रथम चरण के कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई थी। इसके अलावा मनपा के वकील अधि। जेमीनी कासट ने रिकॉर्ड पर दस्तावेज पेश करते हुए स्पष्ट किया कि चरण-1 से लेकर चरण-4 तक का थर्ड-पार्टी ऑडिट पहले ही कराया जा चुका है।
रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में करें मदद
नागपुर महानगर पालिका ने ऑडिट पूरा कर लिया है। इसलिए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता और उनके वकीलों को अगले सप्ताह तक महानगर पालिका के रिकॉर्ड और ऑडिट रिपोर्ट का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों को जांचने की अनुमति दे दी।
अदालत ने मनपा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में याचिकाकर्ता का पूरा सहयोग करें। साथ ही याचिकाकर्ताओं को भी मनपा के साथ सहयोग करने को कहा गया।
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विवेक बंगले के निर्माण का शेड्यूल दें
सड़क निर्माण के अलावा इस सुनवाई में न्यायाधीशों के लिए बन गए बंगले में विशेष रूप से विवेक बंगले और अन्य बंगलों से जुड़ा मुद्दा भी उठा। सरकारी वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि विवेक बंगले और अन्य बंगलों की प्रगति के संबंध में राज्य सरकार द्वारा 27 जुलाई को विस्तृत हलफनामा और पूरा शेड्यूल रिकॉर्ड पर पेश किया जाएगा।
