नागपुर में बड़ा जमीन घोटाला, गरीबों के लिए दी गई जमीनों की अवैध बिक्री; 67 मामले उजागर
Nagpur Land Scam: नागपुर में भूदान और सीलिंग की जमीनों को अवैध रूप से वर्ग 2 से वर्ग 1 में बदलकर बेचने का मामला सामने आया है। जिले में ऐसे 67 मामलों का खुलासा हुआ है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर जमीन घोटाला, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Bhoodan Land Scam: गरीब जरूरतमंदों के लिए दी गई ‘भूदान व सीलिंग’ की जमीनों को शासन की अनुमति के बिना परस्पर वर्ग 2 से वर्ग 1 में हस्तांतरित कर हड़पने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, कई मामलों में जमीनों की 2 से 3 बार विक्री की जानकारी भी सामने आई है। इसे नागपुर में बड़े जमीन घोटाले के रूप में देखा जा रहा है। नागपुर जिले में इस तरह के जमीन घोटाले के 67 मामलों का खुलासा हुआ है। अब पुनः इन जमीनों को वर्ग 2 में हस्तांतरित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
वर्ग-2 जमीनों को वर्ग-1 दिखाकर बिक्री का रास्ता साफ
आचार्य विनोबा भावे ने भूदान आंदोलन के तहत लोगों से अपनी जमीन गरीबों को देने का आह्वान किया था। उसी के अनुसार इन जमीनों के उपयोग पर सीमा सुनिश्चित करने के लिए सीलिंग का कानून भी लाया गया। इसमें से अतिरिक्त जमीन गरीब और जरूरतमंद लोगों को खेती के लिए दी गई थी। यह जमीनें वर्ग 2 में आती हैं, इसलिए नियम अनुसार इनकी बिक्री नहीं की जा सकती।
लेकिन इसके बावजूद राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन जमीनों का फेरफार करके वर्ग 1 का पंजीयन सातबारह पर किया। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की इस धांधली से इन जमीनों की बिक्री का रास्ता साफ हो गया।
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नियम के मुताबिक वर्ग 2 की जमीन के लिए शासन की अनुमति जरूरी होती है, जबकि वर्ग 1 की जमीन के लिए किसी अनुमति को जरूरत नहीं होती है, इसीलिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वर्ग 2 की इन जमीनों को बेचने के लिए वर्ग में बदला।
67 जमीनों के वर्ग परिवर्तन घोटाले में बड़े खुलासों के संकेत
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में भूदान और सीलिंग की 67 जमीनों को वर्ग 2 से वर्ग में बदला गया है। इनमें से 8 जमीने भूटान की है। इसमें नागपुर ग्रामीण तहसील में 6 जमीनें शामिल है।
इनमें मौजा खरडा की 3, सुराबडी, आलागोंदी और बोरी की एक-एक जमीन सहित काटोल तहसील के कोतवालबर्डी और मासीद की एक-एक जमीन शामिल है। कुल 59 जमीने सीलिंग की है। इसमें सबसे अधिक मामले नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में सामने आए है। इन जमीनों को वर्ग 1 में बदलकर बेचा गया है।
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नागपुर ग्रामीण तहसील में यह गड़बड़ी वर्ष 2019 से 2022 के दौरान अंजाम दी गई है, इसलिए अब नागपुर के इस जमीन घोटाले में तत्कालीन तहसीलदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है। कई बड़े आगे कई बड़े खुलासे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए है।
