नियमों की अनदेखी? नागपुर बेसा-घोगली रोड पर स्पीड ब्रेकरों से वाहन चालक परेशान, आधे किमी में 8 गतिरोधक

Nagpur Besa Chowk: नागपुर के बेसा-घोगली मार्ग पर आधे किलोमीटर में 7-8 स्पीड ब्रेकर बनाए जाने से वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने इसे दुर्घटना का बड़ा कारण बताया है।
Ignoring rules? Speed ​​breakers on the Nagpur Besa-Ghogli Road are a nuisance to drivers, with eight speed breakers in half a kilometer.
बेसा चौक, घोगली चौक, स्पीड ब्रेकर, (साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो )
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Nagpur Besa Chowk Road Speed Breakers: जिले में बेसा चौक से घोगली चौक जाने वाले मार्ग पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर अब वाहन चालकों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। इस मार्ग पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर बनाए गए अनेक स्पीड ब्रेकरों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार लगभग आधा किलोमीटर के क्षेत्र में ही 7 से 8 स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, जिससे यह मार्ग वाहन चालकों के लिए असुविधाजनक और दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। वाहन चालकों का कहना है कि इन स्पीड ब्रेकरों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया गया है। स्पीड ब्रेकर के दोनों ओर उचित ढलान नहीं दिया गया है।

बिना संकेत वाले स्पीड ब्रेकर बन रहे हादसों की वजह

रात के समय ये स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देते, क्योंकि इन पर रिफ्लेक्टर, कैट आई या चमकदार पेंट की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा स्पीड ब्रेकर से पहले चेतावनी संकेत बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे अचानक सामने आए ऊंचे गतिरोधक से वाहन असंतुलित हो जाते हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि रास्ते पर जहां पर जरूरत नहीं है वहां पर स्पीड ब्रेकर लगाना गलत है।

इससे वाहन चालकों की पीठ व कमर में दर्द की तकलीफ बढ़ रही है। ऐसा आदेश होने के बावजूद जगह-जगह पर स्पीड ब्रेकर लगाये जा रहे है। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिस जगह पर बरसात का पानी जमा होता है वहीं पर स्पीड ब्रेकर लगाये गये है।

ऐसे में स्पीड ब्रेकर तक पानी जमा हो जाने से रात के समय अंधेरे में स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देते है ऐसे में बरसात के मौसम में पानी में चल रहे वाहन स्पीड ब्रेकर से उछलकर गिरने व दुर्घटना होने के प्रमाण बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है।

नियमों के अनुसार नहीं बनाये

भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पीड ब्रेकर केवल आवश्यक स्थानों पर ही बनाए जाने चाहिए, जैसे स्कूल, अस्पताल, दुर्घटना संभावित क्षेत्र, चौराहे और ऐसे स्थान जहां वाहनों की गति नियंत्रित करना जरूरी हो। सामान्य सड़क पर बिना तकनीकी जांच के बार-बार स्पीड ब्रेकर बनाना उचित नहीं माना जाता।

स्पीड ब्रेकर से वाहनों को हो रहा नुकसान

बेसा पिपला नगर पंचायत अंतर्गत बेसा चौक से दत्त नगर तक दोनों और के मार्ग में स्पीड ब्रेकर चनाये गये है। जो टूव्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक सभी वाहनों की बॉडी, शॉकअप, इंजन को नुकसान पहुंचा रहे है। इससे लोगों के पीठ व कमर दर्द की शिकायतें बढ़ रही है।

बेसा चौक से घोगली जाने वाला रास्ता पहले ही कम चौड़ा है ऊपर से 50 से 100 मीटर पर स्पीड ब्रेकर बनाये गये है। बेसा नपं कार्यालय में दिन भर लोगों का आवागमन शुरू रहता है।

मनीषनगर की ओर से आने वाले लोगों को नपं कार्यालय में आते समय गाड़ी को राइट साइट में करने में वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। वहीं पिपला बेसा चौक से विरंगुला कार्यालय में आते समय रास्ता पार करने में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उस जगह पर स्पीड ब्रेकर की अत्यंत आवश्यकता है, परंतु जहां पर जरूरत नहीं है वहां जरूरत से ज्यादा स्पीड ब्रेकर बना दिये गये है।

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