पिछड़ों को अग्रणी पंक्ति में ला रहा बार्टी, विभिन्न योजनाओं को समाज तक पहुंचाने का करता है काम
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (BARTI) सफलतापूर्वक प्रगति कर रहा है। वर्ष 2008 में एक स्वायत्त संगठन के रूप में मान्यता मिलने के बाद, संगठन द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रमों की संख्या और कार्यक्रमों के लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
BARTI | NavaBharat
नागपुर : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग राज्य में अनुसूचित जातियों के लिए प्रशिक्षण एवं शिक्षा का कार्य कर रही है। अनुसूचित जातियों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और मानवशास्त्रीय पहलुओं पर वैज्ञानिक रूप से शोध कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाता है। अनुसूचित जाति के प्रतिनिधियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन, विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार का मार्गदर्शन किया जाता है। साथ ही सूचनाओं को एकत्रित कर उनका विश्लेषण कर एक रिपोर्ट तैयार की जाती है।
हिंदू खाटीक समाज की वर्तमान स्थिति, धोबी समाज की स्पर्शनीयता से संबंधित सामाजिक स्थिति का अध्ययन, स्वच्छता कार्यकर्ताओं का वास्तविकता विश्लेषणात्मक अध्ययन, पुणे जिले के मांग गरुड़ी समाज का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण, मादीगा समाज का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण, इसी तरह होलार और गोसावी समाज आदि का सर्वे पूरा हो चुका है।
सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से पिछड़े वर्ग के कमजोर वर्गों के लिए लागू किया जाना है। विभिन्न योजनाओं में से महत्वपूर्ण योजनाओं का मूल्यांकन बार्टी इंस्टीट्यूट के माध्यम से किया जाता है। मूल्यांकन रिपोर्ट सरकार के लिए योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में राजनीतिक निर्णय लेने, योजना के मानदंडों, नियमों और शर्तों में आवश्यक बदलाव करने के लिए उपयोगी है। तदनुसार, संगठन ने 13 योजनाओं की मूल्यांकन रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी है और कुछ योजनाओं की सिफारिशें सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई हैं।
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बार्टी के निदेशक सुनील वारे का कहना है कि संगठन के समतादुत विभाग के माध्यम से संपूर्ण महाराष्ट्र में तहसील स्तर पर समतादुत की नियुक्ति की गई है। समतादुत बार्टी और सामाजिक न्याय विभाग विभिन्न योजनाओं को समाज तक पहुंचाने का काम करते हैं। सामाजिक समरसता एवं भाईचारा कायम करने में भी इनकी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका है। विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी संबंधित संस्थाओं को दी जाती है।
बार्टी के महानिदेशक जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के मुख्य समन्वयक के रूप में कार्य करते हैं। प्रकाशन एवं प्रसार विभाग के माध्यम से सामाजिक मुद्दों से संबंधित विभिन्न पुस्तकें खरीदकर रियायती दरों पर जनता को उपलब्ध करायी जाती हैं। संस्थान का पर्यटन विभाग, पुस्तकालय विभाग, कौशल, प्रशिक्षण विभाग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस विभाग के माध्यम से विभिन्न प्रकार के नियोक्ता उन्मुख प्रशिक्षण, कौशल कक्षाएं संचालित की जाती हैं। 2013 से 2024 की अवधि के दौरान इस विभाग में 23 हजार 875 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है. इनमें से 16 हजार 786 लोगों को रोजगार और नौकरी के अवसर मिले हैं। साथ ही बार्टी के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों को भी मदद मिलती है। संस्थान के माध्यम से विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा।
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