नागपुर. खबर का शीर्षक पढ़कर आप चौंक ही गए होंगे कि आखिर ये हो क्या रहा है, लेकिन सच तो यही है कि एक ठग मध्य नागपुर के विधायक विकास कुंभारे को शहरी विकास मंत्री बनाने वाला था. इतना ही नहीं वह विधायक टेकचंद सावरकर को भी मंत्री बनाने वाला था. खुद को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का पीए बताकर यह ठग सेटिंग के नाम पर विधायकों से पैसा मांग रहा था. इसकी शिकायत कुंभारे ने पुलिस से की थी. कई दिनों से इस ठग की तलाश की जा रही थी. आखिर उसे अहमदाबाद के मोरबी से गिरफ्तार किया गया. पकड़ा गया यह शख्स नीरज सिंह राठोड़ बताया गया. अब देखना यह होगा कि आखिर नीरज ने भाजपा के कुछ चुनिंदा विधायकों को ही क्यों चुना. पिछले कई दिनों से नीरज लगातार कुंभारे को फोन कर रहा था. उसने बताया कि वह नड्डा का पीए है और करीबी है.
महाराष्ट्र में जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है. इसके लिए नए चेहरों को चुना जा रहा है. वह चाहे तो कुंभारे को शहरी विकास मंत्री बनाया जा सकता है. इसके लिए वह सीधे नड्डा से बातचीत कर रहा है. कुंभारे को मंत्री बनाने के लिए 167 करोड़ रुपये की डिमांड भी की. कुंभारे को समझ आ गया कि फोन करने वाला कोई ठग है. उन्होंने सीपी अमितेश कुमार से मिलकर शिकायत की. सीपी ने तुरंत नीरज की कॉल डिटेल्स खंगालने और लोकेशन का पता लगाने के आदेश दिए. पिछले 4-5 दिनों से पुलिस अहमदाबाद में नीरज की तलाश में जुटी थी. मंगलवार की शाम उसे मोरबी से गिरफ्तार किया गया. कुंभारे के पीए की शिकायत पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है. जल्द नीरज को लेकर पुलिस नागपुर आने वाली है.
पहले तो केवल कुंभारे को ही फोन कॉल करने की जानकारी थी, लेकिन जब पुलिस ने नीरज को दबोचा तो उसने बताया कि वह कई विधायकों को कॉल कर चुका है. उसने महाराष्ट्र में कुंभारे और टेकचंद सावरकर के अलावा हिंगोली के विधायक तानाजी मुटकुले, बदनापुर के विधायक नारायण कुचे और नांदूरबार के विधायक राजेश पाड़वी को भी इसी तरह का कॉल किया था. महाराष्ट्र के अलावा गोवा और नगालैंड के 2 विधायकों के भी संपर्क में था. गोवा के प्रवीण आर्लेकर और नगालैंड के बाशा मोवाचैंग को भी वह मिनिस्ट्री दिलवाने वाला था. इसके बदले करोड़ों रुपयों की मांग कर रहा था. उसने ज्यादातर उन्हीं विधायकों को चुना जिनके मंत्री बनने की लगभग कोई संभावना नहीं थी.
जानकारी मिली है कि विधायकों को उस पर भरोसा हो जाए इसीलिए नीरज ने कुछ लोगों की नड्डा से बात भी करवाई. असल में बातचीत करने वाला उसी का कोई साथी था, जो नड्डा बनकर विधायकों से बात कर रहा था. उसके खिलाफ तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है. ज्ञात हो कि बीते वर्ष जुलाई महीने में मुंबई की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने भी एक विधायक की शिकायत पर इसी तरह की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पकड़ा था, लेकिन उनका नीरज से कोई संबंध नहीं है. नीरज के नागपुर आने के बाद और भी सनसनीखेज खुलासे हो सकते है.