

Maharashtra Anemia Control Program: महाराष्ट्र राज्य में सरकारी एवं अनुदानित की आश्रमशालाओं तथा एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में एनीमिया की समस्या को खत्म करने के लिए आदिवासी विकास विभाग की ओर से 'एनीमिया निवारण कार्यक्रम' चलाया जा रहा है। अभियान के तहत महज डेढ़ महीने में राज्य की 204 आश्रमशालाओं के 79,624 विद्यार्थियों की हीमोग्लोबिन HB जांच पूरी की गई है।
जांच किए गए विद्यार्थियों में 37,919 छात्र और 41,705 छात्राएं शामिल हैं। इनमें 149 सरकारी आश्रमशालाओं के 55,868, 48 अनुदानित आश्रमशालाओं के 22,420 और 6 एकलव्य मॉडल स्कूलों के 1,336 विद्यार्थी शामिल हैं।
नागपुर जिला में आदिवासी विकास विभाग में अब तक 1,813 विद्यार्थियों के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई है। इनमें 2 सरकारी आश्रमशालाओं के 536 विद्यार्थी और 5 अनुदानित आश्रमशालाओं के 1,295 विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं अमरावती विभाग में 2,898 विद्यार्थियों की जांच हुई है। इनमें 8 सरकारी आश्रमशालाओं के 1,885 और 3 अनुदानित आश्रमशालाओं के 1,013 विद्यार्थी शामिल हैं।
महाराष्ट्र राज्य में एनीमिया मुक्ति अभियान के लिए आदिवासी विकास विभाग ने 'सिटिजन्स एसोसिएशन फॉर चाइल्ड राइट्स' के साथ समझौता किया है, इसके तहत आश्रमशालाओं में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान जिन विद्यार्थियों में एचबी का स्तर कम पाया गया है उन्हें पूरक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
महाराष्ट्र राज्य में राज्य सरकारी एवं अनुदानित की आश्रमशालाओं तथा एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले आदिवासी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण विभाग सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनीमिया निवारण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में रक्ताल्पता की समस्या की गंभीरता को देखते हुए युद्ध स्तर पर जांच अभियान चलाया गया है। महज डेढ़ महीने में 79,000 से अधिक विद्यार्थियों की हीमोग्लोबिन जांच पूरी की गई है।
लीना बनसोड, आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग