नागपुर बना एक्सपोर्ट हब: दवाइयों से लेकर विमान के पुर्जों तक, पहली तिमाही में 7,565 करोड़ का निर्यात

Nagpur Export News: नागपुर अब केवल कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिले से 7,565 करोड़ का कुल निर्यात हुआ, जिसमें अकेले अमेरिका को बड़ा हिस्सा भेजा गया है।
Nagpur Pharmaceutical Export to US
नागपुर फार्मास्युटिकल प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nagpur Pharmaceutical Export To US: नागपुर अब सिर्फ संतरे और कृषि उत्पादों के लिए ही नहीं बल्कि फार्मास्युटिकल, विमान-यंत्र एवं पुर्जे, ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेट्रिकल उपकरण और प्लास्टिक उत्पादों के निर्यात के लिए भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही अप्रैल से जून 2026 के आंकड़े नागपुर के बढ़ते वैश्विक कारोबार की तस्वीर पेश करते हैं। इस दौरान जिले से कुल 7,565.83 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज किया गया। इस निर्यात कारोबार में अमेरिका सबसे अहम बाजार बनकर उभरा है। खास तौर पर फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्यात में अमेरिका का दबदबा बेहद बड़ा है।

नागपुर से पहली तिमाही में 3,325.39 करोड़ रुपये के फार्मास्युटिकल उत्पाद निर्यात हुए। इनमें अकेले अमेरिका को 2,966 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया। यानी इस कमोडिटी के कुल निर्यात का लगभग 89 प्रतिशत अमेरिका गया।

US सिर्फ दवाइयों का बाजार नहीं

  • अमेरिका की नागपुर के निर्यात में भूमिका केवल फार्मास्युटिकल सेक्टर तक सीमित नहीं है।

  • आंकड़ों के अनुसार अमेरिका एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट एंड पार्ट्स के लिए भी प्रमुख बाजारों में शामिल है, जहां 45 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ।

  • रोड व्हीकल्स एंड पार्ट्स में अमेरिका को 37 करोड़, न्यूक्लियर रिएक्टर्स, बॉयलर्स, मशीनरी एंड मैकेनिकल एएलायंसेज में 18 करोड़ और प्लास्टिक्स एंड आर्टिकल्स में 14 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज हुआ।

  • इन आंकड़ों को जोड़ने पर केवल इन प्रमुख श्रेणियों में ही अमेरिका को 3,080 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात सामने आता है। यह जिले के कुल 7।565।83 करोड़ रुपये के पहली तिमाही के निर्यात का करीब 41 प्रतिशत है।

दवा कारोबार ने बनाया सबसे बड़ा आधार

नागपुर के टॉप-10 निर्यातित उत्पादों में फार्मास्युटिकल उत्पाद पहले स्थान पर है। 3,325.39 करोड़ रुपये का यह निर्यात दूसरे स्थान पर रहे एक्सप्लोसिव्स, मैचेस और सर्टेन कम्बस्टिबल प्रिपरेशन के 951.11 करोड़ रुपये के निर्यात से कई गुना अधिक है।

फार्मा के बाद एक्सपोर्ट बास्केट में सीरियल्स 681.47 करोड़ रुपये, आयरन एंड स्टील के उत्पाद 304.29 करोड़, एयरक्राफ्ट, स्पेसक्राफ्ट एंड पार्ट्स 247.70 करोड़ और रोड व्हीकल्स एंड पार्ट्स 240.31 करोड़ रुपये रहे।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में इस तरह रहा निर्यात

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यूरोप, अफ्रीका और एशिया में भी पहुंच

नागपुर जिले का निर्यात कारोबार अमेरिका तक सीमित नहीं है। फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए पोलैंड को 74 करोड़ और तंजानिया को 49 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। एक्सप्लोसिव्स एवं संबंधित उत्पादों में स्पेन 170 करोड़, दक्षिण अफ्रीका 159 करोड़ और स्लोवेनिया 104 करोड़ रुपये के साथ प्रमुख बाजार रहे।

सीरियल्स के निर्यात में बेनिन 163 करोड़, टोगो 79 करोड़ और रूस 47 करोड़ रुपये के साथ प्रमुख खरीदार रहे। आयरन एवं स्टील उत्पादों में सऊदी अरब 54 करोड़, फिलीपींस 52 करोड़ और अमेरिका 34 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ प्रमुख बाजार रहें।

नागपुर की एक्सपोर्ट प्रोफाइल हो रही विविध

आंकड़ों से यह भी साफ है कि नागपुर की एक्सपोर्ट इकोनॉमी अब धीरे-धीरे अधिक विविध हो रही है। फार्मा के अलावा ऑर्गेनिक केमिकल्स 167.89 करोड़, न्यूक्लियर रिएक्टर्स/मशीनरी 164.60 करोड़, इलेवट्रिकल मशीनरी एवं उपकरण 161.71 करोड और प्लास्टिक्स 156.67 करोड़ रुपये भी टॉप-10 में शामिल है।

यानी नागपुर के निर्यात की नई तस्वीर तैयार हो रही है। दवाओं से लेकर मशीनरी और विमान के पुर्जी तक 'ऑरेंज सिटी' का माल अब दुनिया के कई बाजारों में पहुंच रहा है और इसमें अमेरिका की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है।

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