Chhatrapati Sambhajinagar: डॉ. अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का 233 कॉलेजों को झटका, प्रवेश क्षमता की शून्य

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय ने NAAC मूल्यांकन न करवाने वाले 476 कॉलेजों में से 233 को झटका दिया है। इन कॉलेजों की शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम वर्ष की प्रवेश क्षमता शून्य कर दी गई है।
प्रवेश क्षमता शून्य
प्रवेश क्षमता शून्य। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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छत्रपती संभाजीनगर: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय ने NAAC मूल्यांकन न करवाने वाले 476 कॉलेजों में से 233 को झटका दिया है। इन कॉलेजों की शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम वर्ष की प्रवेश क्षमता शून्य कर दी गई है। इसलिए ये कॉलेज इस वर्ष छात्रों को प्रवेश नहीं दे पाएंगे।

उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक मूल्यांकन से गुजरना अनिवार्य है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग पिछले कई वर्षों से प्रयास कर रहा है। साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि यदि नैक मूल्यांकन नहीं कराया गया तो प्रवेश क्षमता शून्य हो जाएगी। इसके अनुसार 22 नवंबर 2024 को प्रबंध परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया।

233 कॉलेजों को प्रथम वर्ष में प्रवेश देने पर रोक

बैठक में नैक प्रक्रिया पूरी न करने वाले कॉलेजों की प्रथम वर्ष की प्रवेश क्षमता शून्य करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अनुसार अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की शुरुआत से पहले बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले चार जिलों के 233 कॉलेजों को प्रथम वर्ष में प्रवेश देने पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों में सभी पाठ्यक्रमों की प्रथम वर्ष की प्रवेश क्षमता शून्य कर दी गई है।

विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में 4 जिले संभाजीनगर, जालना, बीड और धाराशिव आते हैं। इस जिले में विश्वविद्यालय से कुल 476 कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें से अब 233 कॉलेजों पर प्रवेश प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें से सबसे ज्यादा 87 कॉलेज छत्रपति संभाजीनगर जिले में हैं। बीड जिले में 64, जालना जिले में 51 और धाराशिव जिले में 31 कॉलेजों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

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