AIIMS Nagpur News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नागपुर (एम्स) में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने ही विभाग के सहायक प्राध्यापक पर लैंगिक उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की लिखित शिकायत संस्थान के संचालक को सौंप दी गई है, जिसे जांच के लिए विशाखा समिति के पास भेजा गया है।
दंत शल्य चिकित्सा विभाग (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) में कार्यरत डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया है कि उन्हें लंबे समय से शारीरिक, मानसिक और लैंगिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि संबंधित प्राध्यापक सार्वजनिक रूप से डांट-फटकार करते थे, पहनावे और शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करते थे, साथ ही आपत्तिजनक नजरों और इशारों से असहज माहौल बनाते थे।
शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर (ओटी-18) में भी उनके शरीर को लेकर टिप्पणी की गई और सहकर्मियों के सामने अपमानित किया गया। इसके अलावा अश्लील इशारे, गाली-गलौज और अनुचित व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं।
महिला डॉक्टर ने एक अन्य घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके एक जूनियर के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया। यहां तक कि बाल काटने की कोशिश, परीक्षा में फेल करने की धमकी और सर्जिकल कार्य सीखने के लिए अपमानजनक परिस्थितियों का सामना कराने जैसे आरोप भी सामने आए हैं।
ड्रेस को लेकर बार-बार टोका जाना और कपड़ों को लेकर अश्लील टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। एक मामले में सहकर्मी के माध्यम से निजी अंगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करवाई गई, जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लगातार उत्पीड़न के कारण एक जूनियर डॉक्टर का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ, जिसे मनोचिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी और बाद में वह अवकाश पर घर चली गई।
हालिया घटना का जिक्र करते हुए डॉक्टर ने बताया कि 8 मार्च को विभाग में जूनियर डॉक्टरों के साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल मामला जांचाधीन है और संस्थान प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई विशाखा समिति की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।