Nagpur ACB Bribery Sanjay Kature Arrest: हिंगोली की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) यूनिट द्वारा गुरुवार को नागपुर में की गई कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि एसीबी की टीम ने नागपुर ग्रामीण के आरटीओ दलाल को 50,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। हालांकि वह पहले भी शिकायतकर्ता से रकम ले चुका था लेकिन उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए नागपुर में जाल बिछाया गया। पकड़ा गया दलाल रतन हाइट्स, मेडिकल चौक निवासी संजय पुरुषोत्तम कातुरे (43) बताया गया। संजय कातुरे का नाम आरटीओ के बड़े दलालों और वसूली रैकेट में आता है।
उसकी गिरफ्तारी के बाद अब राज्यभर के आरटीओ अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। 31 वर्षीय शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर हैं। बताया जाता है कि राज्य में आरटीओ द्वारा ओवरलोडिंग और लाइन पर चलने वाले भारी वाहनों से एंट्री ली जाती है। एंट्री फीस देने वाले वाहनों की एक सूची तैयार होती है। यह सूची सभी आरटीओ की चेक पोस्ट पर उपलब्ध होती है जिससे ट्रांसपोर्टरों को कोई परेशानी न हो। बीते मंगलवार को ट्रांसपोर्टर ने हिंगोली एसीबी से शिकायत की जिसमें बताया कि उसके पास 10 ट्रक हैं और 9 वाहन दोस्तों के हैं जो उनकी कंपनी के अधीन चलते हैं।
रिश्वत की मांग की जांच करने के लिए मंगलवार को ही कातुरे के नागपुर ग्रामीण आरटीओ के सामने स्थित कार्यालय में पंचों के साथ दबिश दी गई। कातुरे ने सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए 53,000 रुपये पहले लेने की बात स्वीकार की। इसी तरह बकाया 1.23 लाख रुपये लेने की बात कही। गुरुवार को एसीबी की टीम ने कातुरे को रंगे हाथ पकड़ने के लिए उसके कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही उसने शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये लिए, एसीबी की टीम ने दबोच लिया।
इन वाहनों पर आरटीओ द्वारा कार्रवाई न की जाए इसके लिए आरटीओ की सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रति वाहन 6,000 रुपये की एंट्री के हिसाब से 7 वाहनों के 42,000 रुपये और अन्य 12 वाहनों के लिए प्रति माह 10,500 रुपये के हिसाब से 1.26 लाख रुपये ऐसे कुल 1.68 लाख रुपये सचिन कातुरे ने आरटीओ अधिकारियों के लिए मांगे हैं जिनमें 53,000 रुपये शिकायतकर्ता ने कातुरे को फोन पे द्वारा पहले ही दे दिए हैं। बाकी बचे 1.15 लाख रुपये जल्द अदा करने के लिए कातुरे दबाव डाल रहा है।
पारशिवनी स्थित उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय में गुरुवार शाम करीब 6.15 बजे भ्रष्टाचार निर्मूलन ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए भूमि अभिलेख विभाग के सर्वेयर (भूमापक) विशाल माडगीकर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता से भूमि अभिलेख विभाग से संबंधित कार्य करने के एवज में कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पहले शिकायत की पुष्टि की। इसके बाद गुरुवार शाम कार्यालय परिसर में जाल बिछाया गया।
जैसे ही सर्वेयर विशाल माडगीकर ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी सर्वेयर को पुलिस स्टेशन ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकारी कार्यालय में शाम के समय एसीबी की अचानक हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है।