स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव पंजीयन के लिए ‘आधार’ ऐच्छिक, चुनाव आयोग ने जारी किया दिशानिर्देश

Election Commission: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले एसआईआर को लेकर हंगामा मचा हुआ है। राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के आगामी चुनाव के मतदाताओं के पंजीयन के लिए आधार कार्ड को ऐच्छिक किया है।
Election Commission: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले एसआईआर को लेकर हंगामा मचा हुआ है। राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के आगामी चुनाव के मतदाताओं के पंजीयन के लिए आधार कार्ड को ऐच्छिक किया है।
नागपुर न्यूज
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Nagpur News: बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व मतदाता पंजीयन के लिए आधार कार्ड को लेकर बवाल मचा हुआ है जिसे देखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के आगामी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के मतदाताओं के पंजीयन के लिए आधार कार्ड को ऐच्छिक किया है। इस संदर्भ में नोटिफिकेशन जारी कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि आधार के अभाव में किसी का पंजीयन रद्द न करें।

इतना ही नहीं किसी का भी आधार डिटेल सार्वजनिक करने पर उस अधिकारी के खिलाफ अनुशासन भंग की कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। चुनाव के लिए 30 सितंबर तक मतदाता पंजीयन की सूचना जाहिर होगी और 30 दिसंबर तक अंतिम मतदाता सूची घोषित की जाएगी। अगले वर्ष नागपुर, औरंगाबाद व पुणे में स्नातक और पुणे के लिए शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव होने वाले हैं।

12 सितंबर को आयोग ने नोटिफिकेशन निकाला है जिसमें आधार कार्ड के संदर्भ में कड़ी भूमिका ली है जिसके चलते पंजीयन करने वाली राजनीतिक पार्टी, संस्था, संगठनों सहित व्यक्तिगत स्तर पर भी अधिक जागरूकता रखनी होगी।

आवेदन का संशोधित नमूना

चुनाव के लिए आवेदन का संशोधित नमूना प्रकाशित किया जाएगा जिसकी छपाई का आदेश शासकीय मुद्रणालय को दिया गया है। इधर, फुले-आंबेडकर टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ। जयंत जांभुलकर ने कहा है कि आधार ऐच्छिक किया गया है, फिर भी प्रशासन मांग करेगा। उसके सिवा आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, ऐसा लगता नहीं। अगर आयोग के निर्देशों को कड़ा माना जाए फिर भी आधार न हो तो पैन कार्ड या स्नातक प्रमाणपत्र को प्रमाण माना जाए। किसी मतदाता को पंजीयन से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।

आधार के संदर्भ में यह दिशानिर्देश

  • स्नातक, शिक्षक मतदाता सूची में नाम पंजीयन के लिए अर्ज नमूना क्र. 18 व 19 में 1 अगस्त 2022 से संशोधन किया गया है। आवेदन में आधार क्रमांक के लिए स्थान है।
  • आधार क्रमांक पेश करना ऐच्छिक है। अगर मतदाता ने आधार क्रमांक देने से मना किया तो आवेदन नकारा नहीं जा सकता।
  • किसी भी सूरत में मतदाता का आधार क्रमांक सार्वजनिक न हो और सार्वजनिक करना जरूरी हो तो आधार का विवरण हटाना, छिपाना होगा।
  • अर्ज क्र. 18 व 19 में और आधार के झेराक्स में 8 अंकों को छिपाना होगा।
  • मतदाता से प्राप्त आवेदन के साथ अन्य कागजातों को कम्प्यूटरीकृत कर पंजीयन अधिकारी कागजातों को तालाबंद कर सुरक्षित रखेगा।
  • आवेदन सार्वजनिक हुआ तो संबंधित पंजीयन अधिकारी के खिलाफ अनुशासन भंग की कार्रवाई की जाएगी।
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