बेसा नगर पंचायत में PWD की बड़ी लापरवाही: जानलेवा गड्ढों से बेहाल सड़कें, हादसों का शिकार हो रहे वाहन चालक
Besa Potholes Crisis: नागपुर के बेसा नगर पंचायत क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर गहरे गड्ढों से हादसों का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर बेसा नगर पंचायत, सड़क गड्ढे (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Nagpur Besa Road Potholes: नागपुर शहर के बेसा नगर पंचायत परिसर के प्रमुख मार्गों पर जानलेवा गड्डों की भरमार हो गई हैं। ऐसे में वाहन चालक उन गड्डों से बचने के चक्कर में एक तो आपस में भिड़ जाते है या फिर गिर जाते है। गड्डों के कारण वाहन चालकों के घायल होने की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है।
विशेष बात तो यह है कि इस परिसर के प्रमुख मार्गों को लोकनिर्माण विभाग ने बनाया है और काफी जगह पर रास्तों की चौड़ाई कम कर दी हैं। कुछ रास्तों को आधे अधूरे छोड़ दिये गये हैं। बरसात के मौसम में उन गड्डों के कारण होने वाली परेशानी और भी विकराल रूप ले रही है।
ऐसे गड्ढे वाले रास्ते वाहन चालकों की बलि मांग रहे हैं। फिर भी लोकनिर्माण विभाग की ओर से उन रास्तों का निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। यह एक गंभीर प्रश्न सामने आया है। ऐसे में नागरिक सवाल कर रहे है कि पीडब्ल्यूडी की इस लापरवाही के लिए आखिर कौन जवाबदार है।
सम्बंधित ख़बरें
प्रशासन को किस बड़े हादसे का इंतजार? कामठी रोड पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और खुलेआम शराबखोरी से दहशत
अकोला में 14,122 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति पूरी, बारिश के बाद संभली खेती पर बढ़ी लागत से किसान चिंतित
महाराष्ट्र को केंद्र से 7,022 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता, विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
नागपुर मनपा आयुक्त को हाई कोर्ट से बड़ी राहत: आदेश के अनुपालन के बाद अवमानना याचिका का निपटारा!
80 फुट की जगह 55 फुट ही
इस परिसर का प्रमुख मार्ग बेसा चौक से मनीषनगर टी प्वाइंट माना जाता है। जहां मार्केट लाइन, मॉल व व्यापार होता है। इस मार्ग को 80 फुट की जगह 55 से 60 फुट ही लोकनिर्माण विभाग ने वर्ष 2019 में बनाया है। एक ओर लोगों के आवागमन की भीड़ व दूसरी ओर कम चौड़ा रास्ता। ऊपर से रास्ते के किनारे जानलेवा गड्ढे हैं।
30 फुट के सीमेंट मार्ग पर दोनों ओर से आवागमन होता है। सीमेंट मार्ग के बाजू का साइड मार्ग जमीन में धंस कर 6 इंच तक गड्डा हो गया है। वाहन चलाते समय थोड़ा भी बैलेंस गड़बड़ाया तो वाहन की दुर्घटना होना तय है। बरसात का पानी उन गड्डों में
जमा होने से यह रास्ता और भी मुसीबत भरा हो गया है। इस रास्ते की 80 फुट चौड़ाई करने लोकनिर्माण विभाग की ओर से 5 करोड़ रुपये से लेकर 17 करोड़ रुपये तक खर्च किये हैं। इसके बाद भी स्थिति जस की तस ही है। नागरिक सवाल कर रहे है कि आखिर इसके लिए जवाबदार कौन है।
सीताबाई घाट के सामने गड्ढे ही गड्ढे
बेसा-मानेवाडा रोड पर सीताबाड़ घाट के सामने मार्ग पर असंख्य गड्ढे हो गए हैं। कुछ दिनों पूर्व पीडब्ल्यूडी ने उन गड्ढों में डामर जैसा काला मटेरियल डालकर उन गड्ढों को बंद कराया था। लेकिन आज वहां 9 से 10 इंच तक गहरे गड्ढे हो गए हैं।
यह भी पढ़ें:-प्रशासन को किस बड़े हादसे का इंतजार? कामठी रोड पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और खुलेआम शराबखोरी से दहशत
मनीषनगर मार्ग, धोगली, बेलतरोडी के साथ ही बाकी मार्गों पर भी जानलेवा गड्डों की भरमार हो गई है। नागरिकों ने उन गड्डों को शीघ्र भरने एवं अधूरे पड़े मार्ग के कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। जल्द काम शुरू नहीं करने पर नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
