

Western Railway RPF K9 Dog Squad Mumbai: पश्चिम रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का K दस्ता रेलवे सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में इस दस्ते में 43 अत्यधिक प्रशिक्षित कुत्ते तैनात हैं। ये विस्फोटक, नशीले पदार्थ और ज्वलनशील वस्तुओं का पता लगाने के साथ संदिग्ध अपराधियों की तलाश में आरपीएफ कर्मियों की मदद करते हैं।
पश्चिम रेलवे के 43 सदस्यीय दस्ते में अलग-अलग विशेषज्ञता वाले कुत्ते शामिल हैं। इनमें 19 विस्फोटक खोजी, 6 नशीले पदार्थ खोजी, 17 ट्रैकर और 1 वन्यजीव गंध खोजी कुत्ता शामिल है। जरूरत के अनुसार इनकी सेवाएं रेलवे परिसरों और सुरक्षा अभियानों में ली जाती हैं।
पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच अपने डॉग स्क्वॉड में 19 नए कुत्तों को शामिल किया। इनमें 2023 में 2, 2024 में 15 और 2025 में 2 कुत्ते जोड़े गए। इससे रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित डॉग्स की क्षमता और मजबूत हुई है।
दस्ते में बेल्जियन शेफर्ड, जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर और डाबरमैन जैसी नस्लों के कुत्ते शामिल हैं। इन नस्लों को उनकी सूंघने की क्षमता, फुर्ती और प्रशिक्षण के अनुरूप अलग-अलग सुरक्षा कार्यों के लिए तैयार किया गया है।
पश्चिम रेलवे के अनुसार, सभी कुत्तों को पुणे, दया बस्ती (दिल्ली), पोदानूर और हरियाणा स्थित प्रशिक्षण संस्थानों में करीब 8 महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान, ट्रैकिंग तथा अन्य सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए तैयार किया जाता है।
ये प्रशिक्षित कुत्ते पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद, रतलाम, भावनगर और राजकोट डिवीजनों में तैनात हैं। रेलवे परिसरों, स्टेशनों और सुरक्षा अभियानों में जरूरत के मुताबिक इनकी सेवाएं ली जाती हैं।
डॉग स्क्वॉड की प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए कुत्तों के साथ उनके हैंडलर्स को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। अहमदाबाद डिवीजन के एएसआई प्रकाश चंद्र ने पशु चिकित्सा और हैंडलर पाठ्यक्रम पूरा किया है। इससे डॉग स्क्वॉड की देखभाल और संचालन क्षमता को और मजबूती मिली है।
RPF का K दस्ता संदिग्ध वस्तुओं और पदार्थों की पहचान के साथ अपराधियों की तलाश में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है। प्रशिक्षित कुत्तों की सूंघने और ट्रैकिंग क्षमता रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है।