

पेयजल गुणवत्ता के 335 अवशिष्ट क्लोरीन और 36 जीवाणु संबंधी 371 परीक्षण किए गए।
मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम और राजकोट समेत 8 स्थानों पर जांच।
पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पश्चिम रेलवे नियमित जांच जारी रखेगा।
Water Quality Tests In Mumbai Gujarat: यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे ने विशेष प्रयास शुरू किए हैं। एक दिन में पेयजल गुणवत्ता के 371 परीक्षण किए गए। बताया गया कि सभी परीक्षणों के परिणाम संतोषजनक और निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे।
पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक के मुताबिक, नियमित पेयजल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम के तहत अवशिष्ट क्लोरीन के 335 परीक्षण और जीवाणु संबंधी गुणवत्ता के 36 परीक्षण किए गए। इन सभी परीक्षणों में परिणाम संतोषजनक पाए गए।
पश्चिम रेलवे ने यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अपने नेटवर्क के 8 प्रमुख स्थानों और इकाइयों में पानी की गुणवत्ता की जांच की। इनमें मुंबई स्थित जगजीवन राम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल के अलावा वडोदरा, अहमदाबाद, रतलाम, राजकोट, भावनगर और दाहोद शामिल हैं।
इन सभी स्थानों पर पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की गई। जांच का उद्देश्य पानी में अवशिष्ट क्लोरीन के स्तर और जीवाणु संबंधी गुणवत्ता का आकलन करना तथा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना था, ताकि यात्रियों और रेलकर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सके।
रेलवे के अनुसार, पेयजल में अवशिष्ट क्लोरीन के स्तर और जीवाणु संबंधी गुणवत्ता की नियमित जांच स्वास्थ्य उपायों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन परीक्षणों के माध्यम से पानी की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है, जिससे किसी संभावित समस्या की पहचान कर समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी यात्रियों और रेलकर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पश्चिम रेलवे ने कहा कि यात्रियों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए पूरे नेटवर्क में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण, निरंतर निगरानी और निवारक उपाय जारी रखे जाएंगे।